राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर उद्धव ठाकरे गुट का बड़ा बयान, '...मुंह पर तमाचा मारा है'
Ayodhya Ram Mandir Donation Row: शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने राम मंदिर चंदा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही एसआईटी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि SIT वही करेगी जो उन्हें इशारा किया जाएगा.

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर देशभर में सियासत और तेज होती जा रही है. उद्धव ठाकरे गुट के सांसद अरविंद सावंत ने जांच एजेंसियों के साथ ही न्यायपालिका पर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि मौजूदा सरकार में न्यायपालिका गुलाम बनी हुई है.
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने मीडिया से बातचीत में कहा, ''जिस न्यायपालिका से संविधान की रक्षा की उम्मीद की जाती है, वह अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही है. देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि यहां की न्यायपालिका गुलाम बनी हुई है. संविधान की रक्षा कौन कर सकता है? न्यायपालिका, लेकिन क्या वह अपना काम करती है?" सुप्रीम कोर्ट की आलोचना करते हुए सावंत ने आरोप लगाया, "वे गुलामों की तरह बैठे हैं."
SIT वही तय करेगी जो उन्हें इशारा किया जाएगा- अरविंद सावंत
उन्होंने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उनका कामकाज स्वतंत्र नहीं है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, "क्या आपको इन SIT पर भरोसा है? SIT वही तय करेगी जो उन्हें इशारा किया जाएगा और बताया जाएगा. अच्छा हुआ कि रामलला ने न्याय किया. वे 'जय श्री राम' कहते हैं और भ्रष्टाचार करते हैं, लेकिन उन्होंने उनके मुंह पर तमाचा मारा है."
चंपत राय और अनिल मिश्रा दे चुके हैं इस्तीफा
बता दें कि शुक्रवार (26 जून) को श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया. अयोध्या में राम मंदिर को मिले दान में कथित हेराफेरी के मामले में FIR दर्ज की गई. यूपी की योगी सरकार के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं - जैसे 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) - के तहत यह मामला दर्ज किया गया है.
एफआईआर में किन-किन लोगों के नाम शामिल?
FIR में जिन लोगों के नाम हैं, उनमें- अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव, मनीष यादव और अन्य. यह कार्रवाई अयोध्या से SP के पूर्व विधायक पवन पांडे के आरोपों के बाद की गई, जिन्होंने दावा किया था कि राम मंदिर के दान में करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई थी. जिसके बाद योगी सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आग्रह पर 14 जून को कथित गड़बड़ी की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया.

























