उपचुनाव रिजल्ट: उद्धव गुट का बड़ा बयान, 'जीवनभर एक...'
Bypoll Results: शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने दतिया और बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी की हार पर तंज कसते हुए कहा कि जीवन भर एक जैसा मौसम नहीं रहता है.

दतिया और बांकीपुर उपचुनाव नतीजों को लेकर उद्धव गुट के नेता आनंद दुबे ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के अहंकार और तानाशाही रवैये को जनता ने नकार दिया है. मध्य प्रदेश और बिहार में डबल इंजन की सरकार के रहते उपचुनाव में मिली हार ये दिखाता है कि आपने जो वादे किए वो पूरे नहीं किए. बीजेपी बांकीपुर की हार को पचा नहीं पा रही है. बीजेपी के लिए अब आत्मचिंतन करने का वक्त है.
शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने मीडिया से बातचीत में कहा, ''बांकीपुर का उपचुनाव बहुत महत्वपूर्ण इसलिए भी था क्योंकि वहां से करीब पिछले 30 सालों से बीजेपी जीत रही थी. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कई बार वहां से विधायक चुनकर आए. सरकार में रहते हुए इतने बड़े नेता की विधानसभा की सीट अगर उपचुनाव में अगर आप हार जाते हैं तो सोच लीजिए कि आपके प्रति लोगों में कितना गुस्सा है?''
जीवन भर एक जैसा मौसम नहीं रहता- आनंद दुबे
उन्होंने आगे कहा, 'मध्य प्रदेश में बीजेपी को आपसी अंतर्कलह का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, इसलिए कहा जाता है कि जीवन भर एक जैसा मौसम नहीं रहता है. मौसम बदलता है. परिस्थितियां बदलती हैं. गुजरात के उपचुनाव में बीजेपी ने भले ही जीत हासिल की है लेकिन बीजेपी उस जीत को सेलिब्रेट नहीं कर पा रही है. बीजेपी बांकीपुर की हार को पचा नहीं पा रही है?''
बिहार और MP में ये बहुत बड़ी नजीर पेश हुई- आनंद दुबे
जब उनसे पूछा गया कि बिहार सरकार में मंत्री विजय सिन्हा कह रहे हैं कि विपक्ष की तरह हमारी पार्टी ईवीएम पर सवाल नहीं खड़े करती है. इस पर उद्धव गुट के नेता ने कहा, ''आप सवाल नहीं करते हैं लेकिन आपके नेताओं के अंदर भाषा की मर्यादा नहीं बची है. आपने कहा कि हम किसी कुत्ते बिल्ली को खड़ा कर देंगे, वो चुनकर आ जाएगा, ये जनता को पसंद नहीं आया.'' उन्होंने ये भी कहा कि बिहार और मध्य प्रदेश में ये बहुत बड़ी नजीर पेश हुई है कि बीजेपी को भी हराया जा सकता है बशर्ते अगर सामने विकल्प तगड़ा हो.
PK ने बीजेपी और इंडिया गठबंधन दोनों को हराया- आनंद दुबे
उन्होंने आगे कहा, ''प्रशांत किशोर ने बीजेपी को भी हराया है और साथ ही साथ इंडिया गठबंधन को भी हराया है. प्रशांत किशोर ने जिस तरह से कैंपेन किया, जिस प्रकार मुद्दे उठाए और मेहनत की उससे उन्हें सफलता मिली. प्रशांत किशोर हमारी पार्टी के लिए भी 2019 में काम कर चुके हैं. कई मुख्यमंत्री वो बना चुके हैं. आदमी रणनीति बनाता है तो कभी सफल होता है और कभी असफल होता है. जो लगातार बना हुआ है तो आज नहीं तो कल उसकी जीत सुनिश्चित है.''



















