'क्या अखिलेश यादव रामभक्त नहीं हैं?', चढ़ावा चोरी पर संजय राउत ने क्यों कही ऐसी बात
Sanjay Raut News: शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि सभी मंदिरों में चोरी हो रही है. उन्होंने कहा कि जो भी मंदिर बीजेपी के 'कब्जे' में है, वहां लूट-मार चल रही है.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सियासी बयानबाजी जारी है. बुधवार (8 जुलाई) को शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में हर व्यक्ति चंपत राय है. कोषाध्यक्ष से लेकर अध्यक्ष तक एक ही विचारधारा के लोग हैं. राम उनकी जागीर हैं क्या, क्या राम के मालिक बन गए, दूसरे कोई रामभक्त नहीं हैं क्या इस देश में,आप ही हैं बीजेपी और आरएसएस वाले, क्या हम राम भक्त नहीं हैं, क्या अखिलेश यादव राम भक्त नहीं हैं, मायावती राम भक्त नहीं हैं, ममता बनर्जी रामभक्त नहीं हैं?
'ये राम को खाने वाले लोग हैं'
बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "ये राम को खाने वाले लोग हैं. उन्होंने कहा कि दो लोगों को सस्पेंड किया है. सब मंदिरों में घोटाला ही घोटाला है. सब मंदिरों में घोटाला है. आप कोई सा भी मंदिर लीजिए, सभी मंदिरों पर बीजेपी का कब्जा है. सभी मंदिरों में घोटाले चल रहे हैं. राम मंदिर से लेकर बद्रीनाथ तक, सोमनाथ से लेकर अयोध्या तक, जहां बीजेपी की सत्ता है और जहां के मंदिर बीजेपी के कब्जे में है, वहां लूट-मार चल रही है."
SIT ने अविनाश शुक्ला को बताया मुख्य आरोपी
बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर एसआईटी कर रही है. शुरुआती रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला को मुख्य आरोपी बताया गया है. जांचकर्ताओं को शक है कि 40 दिनों तक चली इस चोरी में मंदिर के दान की रकम की गिनती के दौरान चोरी के लगभग 70 मामले शामिल थे.
अविनाश शुक्ला के खिलाफ सबसे मजबूत सुबूत मिले- सूत्र
मंदिर से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तीन सदस्यों वाली एसआईटी के अंतरिम नतीजों पर सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में चर्चा हुई. सूत्रों के अनुसार शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर में भक्तों के चढ़ावे की गिनती करने के काम में शामिल अविनाश शुक्ला के खिलाफ एसआईटी को सबसे मजबूत सुबूत मिले हैं, लिहाजा उसे इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है. उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कथित चोरी का पूरा प्रकरण शुक्ला के इर्द-गिर्द केंद्रित था और उसकी निशानदेही पर ही जांचकर्ताओं को पांच अन्य आरोपियों की पहचान करने और मंदिर के दान राशि गणना कक्ष के अंदर संदिग्ध काम करने के तरीके को समझने में मदद मिली.
सूत्रों ने बताया कि 23 जून को प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी गई नौ पेज की रिपोर्ट में 30 साल के अविनाश शुक्ला को जांच का केंद्र बताया गया है. उन्होंने कहा कि एसआईटी ने प्रथम दृष्ट्या लगभग 40 दिनों के दौरान मंदिर के दान राशि गणना कक्ष से कथित चोरी के लगभग 70 मामलों की पहचान की है.
























