'अजित पवार एक दिन जरूर महाराष्ट्र का नेतृत्व करते', पूर्व CM पृथ्वीराज चव्हाण ने जताया शोक
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण ने अजित पवार को याद करते हुए कहा कि वो समय के बहुत पाबंद थे. ऐसा बहुत कम राजनेताओं में होता है.

महाराष्ट्र के पूर्व CM और कांग्रेस के सीनियर नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने एनसीपी चीफ और डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन पर शोक जताया. उन्होंने कहा कि आज महाराष्ट्र के सीएम अजित पवार के विमान दुर्घटना की खबर सुनी. उस दुर्घटना में वो नहीं बचे. महाराष्ट्र और देश की राजनीति का बहुत भारी नुकसान हुआ है. वो देश के उभरते हुए नेता थे. उनमें महाराष्ट्र का नेतृत्व करने की क्षमता थी. उन्होंने कहा कि अजित पवार समय के बहुत पाबंद थे.
'कभी भी किसी मीटिंग में देर से नहीं आते थे'
पृथ्वीराज चव्हाण ने आगे कहा, "हाल ही में महानगरपालिका के चुनाव हुए थे. ग्रामीण इकाइयों के चुनाव के प्रचार के लिए वो जा रहे थे. उस समय उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ. बहुत ही डिसीप्लन्ड नेता थे. कम ही नेता मैंने ऐसे देखे हैं. अपनी समयबद्धता के लिए वो मशहूर थे. कभी भी किसी मीटिंग में देर से नहीं आते थे. पूरे ध्यान से मीटिंग में भाग लेते थे. बहुत ही रेयर क्वालिटी थी, हर एक राजनेता में मैं नहीं देखता."
#WATCH | Satara, Maharashtra: On the demise of Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar, Congress Leader Prithviraj Chavan says, "... I heard about the sudden demise of Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar in a plane crash this morning. His death is a massive loss for all of us. He was a… pic.twitter.com/XhXr1zEQbY
— ANI (@ANI) January 28, 2026
'एक बार नाराज होकर इस्तीफा दे दिया'
पूर्व सीएम ने अजित पवार को याद करते हुए कहा, "2010 के नवंबर में हम दोनों ने महाराष्ट्र के प्रशासन की जिम्मेदारी संभाली थी. मैं मुख्यमंत्री बना और मेरे साथ वो पहली बार उपमुख्यमंत्री बने. साढ़े चार साल तक हम दोनों ने महाराष्ट्र की बागडोर संभाली. कई सारे जनता के हितों के निर्णय लिए. कुछ हमारे मतभेद भी हुए. मुझे याद है कि बीच में एक बार नाराज होकर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. लेकिन महीने भर के बाद हम वापस उनको मनाकर मंत्रिमंडल में लेकर आए. उनके पास वित्त विभाग था और आज भी उनके पास वो विभाग था."
'बजट पेश करने में वो माहिर हो गए थे'
कांग्रेस नेता ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के कई बजट उन्होंने पेश किए. बजट पेश करने में वो माहिर हो गए थे. पूरे महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था की उन्होंने नब्ज पहचानी थी. साथ ही कृषि और सहकारिता क्षेत्र में वो देश के अग्रणी नेता थे.
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Source: IOCL




























