Ujjain: abp न्यूज़ की खबर का असर, महाकालेश्वर मंदिर में लगेगा इलेक्ट्रॉनिक गेट, दलाल नहीं कर पाएंगे अवैध उगाही
Mahakaleshwar Temple: उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में मेट्रो की तर्ज पर इलेक्ट्रॉनिक गेट लगाने की तैयारी की जा रही है. इलेक्ट्रॉनिक गेट केवल मंदिर समिति के पास से एक बार ही खुलेगा.

Ujjain Mahakaleshwar Temple: उज्जैन में एबीपी न्यूज़ की खबर का असर हुआ है. महाकालेश्वर मंदिर समिति ने हेराफेरी को रोकने की तैयारी कर ली है. गौरतलब है कि गिरोहबंदी के चलते महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना लाखों रुपए की गड़बड़ी का मामला उजागर हुआ था. अब केवल अनुमति के पास से खुलनेवाला इलेक्ट्रॉनिक गेट लगने जा रहा है. महाकालेश्वर मंदिर में शीघ्र दर्शन, गर्भ गृह पूजा और नंदीहाल दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से हो रही लाखों रुपए की ठगी और घोटाले की एबीपी न्यूज ने खबर उठाई थी.
अवैध वसूली पर रोक के बाद बढ़ी महाकालेश्वर मंदिर की आमदनी
महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने गड़बड़ी रोकने के लिए तीन महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. नियमों में परिवर्तन कर अवैध वसूली पर पूरी तरह रोक लगा दी गई. अब महाकालेश्वर मंदिर की आय भी बढ़ गई. उन्होंने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में फर्जी तरीके से रकम लेकर श्रद्धालुओं को प्रवेश कराने के कारण मंदिर समिति को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था. इसके अलावा मंदिर की छवि पर भी असर पड़ रहा था.
अब मेट्रो की तर्ज पर इलेक्ट्रॉनिक गेट लगाने का लिया गया फैसला
महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि मंदिर में गड़बड़ियां रोकने के लिए अब इलेक्ट्रॉनिक गेट लगाने की तैयारी की जा रही है. जिस तरह मेट्रो रेल के गेट बारकोड वाले पास को दिखाने से ही खुलते हैं, उसी तरीके से महाकालेश्वर मंदिर में भी जल्द इलेक्ट्रॉनिक गेट लगा दिया जाएगा. इलेक्ट्रॉनिक गेट केवल मंदिर समिति के जरिए मुहैया कराए गए पास से एक बार ही खुलेगा. महाकाल लोक निर्माण के बाद महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ गई है. इसी का लाभ दलाल उठा रहे थे.
महाकालेश्वर मंदिर समिति को 20 लाख रुपए रोज का नुकसान हो रहा था. महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने प्रोटोकॉल की व्यवस्था खत्म करते हुए मुफ्त शीघ्र दर्शन को पूरी तरह बंद कर दिया है. नए नियम से दलालों की गड़बड़ियां खत्म हो गई है. मंदिर समिति की इनकम में भी तीन गुना बढ़ोतरी हुई है. इससे पहले राशि दलालों की जेब में जाती थी.
महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में फेरबदल का फैसला प्रबंध समिति करती है. प्रबंध समिति के सदस्य और पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह, वर्तमान कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के सहयोग से गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सकी है. उन्होंने बताया कि गड़बड़ियां रोकने में प्रबंध समिति के निर्णय बहुत महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं. प्रबंध समिति बधाई की पात्र है. गड़बड़ी रुकने से मंदिर की आमदनी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
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Source: IOCL
























