Watch: सीधी में डीएम ने जनसुनवाई में युवक को धक्के मारकर बाहर का रास्ता दिखाया, वीडियो वायरल
Sidhi News: सीधी जिले के रामपुर निवासी उपेंद्र तिवारी ने बताया कि उसके गांव में वर्ष 2019 में स्वीकृत सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है. प्रधान ने राशि निकाल ली है, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा है.

Sidhi Video Viral : मध्य प्रदेश के सीधी जिले के डीएम दप्तर में सभागार में आयोजित जनसुनवाई का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में जनसुनवाई के दौरान एक युवक आता है और डीएम के सामने तेज आवाज में कहता है कि मैं जनसुनवाई में कई बार शिकायत कर चुका हूं, यहां तक कि मैंने सांसद से भी शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है. यह कैसी जनसुनवाई है, जहां लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है. बस फिर क्या था, कलेक्टर ने जनसुनवाई में सबके सामने उसे धक्के मारकर बाहर का रास्ता दिखा दिया.
सड़क न बनवाने का है मामला
दरअसल, सीधी जिले के रामपुर निवासी उपेंद्र तिवारी ने शिकायती पत्र के माध्यम से बताया कि उसके गांव में वर्ष 2019 में स्वीकृत सड़क का निर्माण आज तक पूरा नही हो पाया है. गांव के प्रधान ने सड़क की राशि निकाल ली है, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा ही है. इसकी ही शिकायत करने उपेंद्र तिवारी डीएम की जनसुनवाई में पहुंच गए. कलेक्टर के सामने ऊँची आवाज में शिकायत को लेकर बात करने लगे.
सोशल मीडिया में वायरल हुआ वीडियो
इस दौरान कलेक्टर कुछ देर तक तो उसे सुना. इसके बाद कलेक्टर ने कहा आवाज नीचे करके बात करो. युवक फिर भी नही माना, तेज आवाज में कलेक्टर के सामने बोलता रहा. इसके बाद डीएम ने वहां मौजूद पुलिस कर्मियों को कहा इसे बाहर ले जाओ. वहां मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया.
युवक ने दी जहर खाने की धमकी
उपेंद्र तिवारी ने कलेक्टर साकेत मालवीय से कहा कि कई बार आवेदन दिया है. लेकिन, किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है. इस पर कलेक्टर ने कहा कि धीरे बोलो. इसी दौरान उपेंद्र तिवारी ने सबके सामने जहर खाकर जान दे देने की धमकी भी दी. तब कलेक्टर ने कहा कि एसपी को फोन कर इसे जेल भिजवाओ.
कलेक्टर ने दी सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर ने इस मामले में सफाई दी है. सीधी के कलेक्टर साकेत मालवीय ने कहा कि संविधान सभी को स्वतंत्रता देता है. किसी पर आरोप लगाना आसान है, अगर किसी पर कोई भी आरोप लगा रहे हैं, तो उस पर कुछ बेसिक तत्व तो रखने होंगे. राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता आपकी है, उसका भी हल है. सिर्फ आकर चिल्लाने से किसी भी समस्या का समाधन नहीं हो सकता.
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