शिवपुरी: वन विभाग के कर्मचारियों ने साथी का शव चिता से उठवाया, जानें वजह
Shivpuri Accident: शिवपुरी में सड़क दुर्घटना में मृत वनकर्मी बनवारी रजक के परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार की तैयारी की. सूचना पर वन विभाग के साथी कर्मचारी मुक्तिधाम पहुंचे.

शिवपुरी के मुक्तिधाम में एक अजीबोगरीब और भावनात्मक मामला सामने आया, जब वन विभाग के कर्मचारियों को अपने ही साथी का शव चिता से उठवाना पड़ा. दरअसल, सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक वनकर्मी का परिजन बिना पोस्टमार्टम (PM) कराए ही अंतिम संस्कार कर रहे थे. ऐन वक्त पर विभागीय अधिकारी और साथी कर्मचारी शमशान घाट पहुंचे और अंतिम संस्कार रुकवाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया.
जानकारी के मुताबिक, फिजिकल थाना क्षेत्र के झीगुरा निवासी बनवारी रजक वन विभाग की राजापुर चौकी पर स्थाई कर्मी के रूप में पदस्थ थे. बीते रोज बनवारी अपने एक साथी के साथ बाइक से चौकी की ओर जा रहे थे, तभी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई. हादसे में बनवारी के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि उनके साथी का हाथ फ्रैक्चर हो गया.
गंभीर हालत को देखते हुए बनवारी को पहले प्राइवेट अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. हालत बिगड़ने पर उन्हें रात में ही ग्वालियर रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. परिजन अज्ञानता के चलते ग्वालियर से शव का बिना पोस्टमार्टम कराए ही वापस शिवपुरी ले आए और अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली.
विभागीय लाभ के लिए पीएम था जरूरी
परिजन शव को लेकर मुक्तिधाम पहुंच चुके थे और शव को चिता पर भी रख दिया गया था. इसी बीच वन विभाग के अधिकारियों और साथियों को बनवारी की मौत की खबर मिली. वे श्रद्धांजलि देने घर पहुंचे, तो पता चला कि शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया है और पोस्टमार्टम नहीं हुआ है.
अधिकारियों को समझते देर न लगी कि अगर बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार हो गया, तो यह एक्सीडेंटल केस होने के कारण पुलिस केस में उलझ जाएगा. साथ ही, शासकीय कर्मचारी होने के नाते परिवार को मिलने वाले विभागीय लाभ (जैसे अनुकंपा नियुक्ति, बीमा, फंड आदि) मिलने में कानूनी अड़चनें आएंगी.
श्मशान से मेडिकल कॉलेज ले गए शव
वन विभाग की टीम तत्काल मुक्तिधाम पहुंची और परिजनों को समझाया कि भविष्य में परिवार की सुरक्षा और सरकारी दावों के लिए पोस्टमार्टम अनिवार्य है. समझाइश के बाद भारी मन से परिजनों ने सहमति दी. इसके बाद साथी कर्मचारियों ने चिता पर रखे शव को उठाया और एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा. वहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को दोबारा सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा गया.
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Source: IOCL
























