MP: रीवा में खाद संकट! रातभर लाइन में किसान और महिलाएं, सोता रहा प्रशासन
Rewa News: रीवा की करहिया मंडी में खाद की भारी किल्लत के कारण किसान और महिलाएं वितरण से 24 घंटे पहले ही लाइन में खड़े हैं. किसान और महिलाएं रातभर भूखे-प्यासे इंतजार कर रहे हैं.

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में खाद की भारी किल्लत के कारण किसान और महिलाएं हाहाकार मचा रहे हैं. करहिया मंडी में खाद वितरण की प्रक्रिया में अव्यवस्था इतनी बढ़ गई है कि किसान वितरण से 24 घंटे पहले ही लाइन में लगने को मजबूर हैं. हालात यह हैं कि महिलाएं भी रातभर लाइन में खड़ी रहीं, जबकि मंडी परिसर में न पीने का पानी है और न सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम.
खाद वितरण अगले दिन सुबह 11 बजे से होना तय था, लेकिन किसान रात 10 बजे से ही लाइन में खड़े हो गए थे. इस दौरान प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह रहा कि किसी अधिकारी या कर्मचारी की मौजूदगी नहीं देखी गई.
किसानों के लिए न पानी की व्यवस्था थी और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम. महिला किसानों और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी कोई ध्यान नहीं रखा गया. भूखे-प्यासे किसान अपनी व्यवस्था से ही लाइन में टिके हुए हैं.
लाइन में खड़े होने को मजबूर किसान, मंडी में न पानी न सुरक्षा
करहिया मंडी में वितरण के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली. किसान अपनी बारी सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे पहले से लाइन में खड़े हैं. कई महिलाएं बच्चों को घर भेजकर खुद लाइन में खड़ी हैं. सुरक्षा की कमी के कारण चोरी और जेबकटी की वारदातें लगातार हो रही हैं.
युवा किसान सतेंद्र तिवारी ने बताया कि मंडी में एक व्यक्ति की जेब से तीस हजार रुपये चोरी हो गए और एक व्यक्ति पर पत्थर मारकर हमला किया गया, लेकिन पुलिस मौके पर मौजूद होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर सकी.
महिला किसानों और बच्चों की सुरक्षा का अभाव
महिला किसान निधि शुक्ला ने बताया कि वह शाम से बच्चों को लेकर लाइन में खड़ी हैं. उन्होंने कहा कि मैंने अभी बच्चों को घर भेजा है खाना खाने के लिए, फिर उन्हें बुलाकर लाइन में बैठाया जाएगा. यहां न पीने का पानी है और न सुरक्षा का कोई इंतजाम.
किसान विजय तिवारी ने बताया कि वे 22 किलोमीटर दूर से आए हैं और यहां खाद की कालाबाजारी हो रही है. बनिए की दुकानों पर यूरिया और डीएपी दोगुनी कीमत पर मिल रही है, जिससे गरीब किसानों को खाद खरीदने में कठिनाई हो रही है.
अव्यवस्था से किसानों की मेहनत और समय बर्बाद
किसानों की शिकायत है कि इस अव्यवस्था के कारण उनकी मेहनत और समय दोनों बर्बाद हो रहे हैं. लाइन में रातभर खड़े रहने के बावजूद कई किसानों को खाद नहीं मिल रही है.
प्रशासन को चाहिए कि वह तत्काल पानी, भोजन और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का इंतजाम करे, ताकि किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े.
रीवा की यह घटना किसानों की मुश्किलों और प्रशासनिक लापरवाही का साफ उदाहरण बन गई है. खाद की उचित उपलब्धता और बेहतर व्यवस्थापन के बिना किसानों की समस्या बनी रहेगी.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















