एक्सप्लोरर

Rani Kamlapati Station: जानिए कौन थीं रानी कमलापति? जिनके नाम से जाना जाएगा हबीबगंज रेलवे स्टेशन

रानी कमलापति ने दोस्त मोहम्मद खान से मदद मांगी. वह मदद को तैयार तो हो गया, लेकिन इसके एवज में उसने रानी से एक लाख रुपये की मांग कर दी. रानी कमलापति को बदला लेना था, सो पैसे न रहते हुए भी हामी भर दी.

Habibaganj Railway Station: मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम आखिरकार बदल ही दिया गया. बीजेपी की भोपाल से सांसद साध्वी प्रज्ञा सहित पार्टी के कई नेताओं ने इस रेलवे स्टेशन का नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी के नाम पर रखने की मांग कर रहे थे लेकिन अब रानी कमलापति के नाम से हबीबगंज रेलवे स्टेशन जाना जाएगा. हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन होने के बाद कई लोगों के मन में ये सवाल उठ रहे होंगे कि आखिर रानी कमलापति कौन हैं? तो आइये इस ख़बर में हम आपको बताते हैं कि कौन थी रानी कमलापति और उन्हीं के नाम पर क्यों रखा गया?

रानी कमलापति कौन थी?

दरअसल, रानी कमलापति भोपाल की आखिरी हिंदू रानी थीं. उन्हें देश की महान वीरांगनाओं में से माना जाता है. रानी कमलापति के नाम पर भोपाल के हबीबगंज स्टेशन का नाम रखने का फैसले के पीछे रानी की वीरता और पराक्रम को ही माना गया है. रानी कमलापति 18वीं शताब्दी की गोंड रानी थीं. उस समय गिन्नौरगढ़ पर निजाम शाह शासन था, जिनकी 7 पत्नियां थीं. रानी कमलापति इन्हीं में से एक थीं और वह राजा को सबसे ज्यादा प्रिय थीं. उस दौरान बाड़ी पर निजाम शाह के भतीजे आलम शाह का शासन था. आलम की नजर निजाम शाह की दौलत और संपत्ति पर था. कमलापति की खूबसूरती से प्रभावित होकर उसने रानी से प्रेम का इजहार भी किया था, लेकिन रानी ने उसे ठुकरा दिया.

बाद में, आलम शाह ने अपने चाचा निजाम शाह के खाने में जहर मिलवा कर हत्या कर दी. इसके बाद रानी और उनके बेटे को भी खतरा था. ऐसे में रानी कमलापति अपने बेटे नवल शाह को गिन्नौरगढ़ से भोपाल स्थित रानी कमलापति महल ले आईं. रानी कमलापति अपने पति की मौत का बदला लेना चाहती थीं. लेकिन दिक्कत ये थी कि उनके पास न तो फौज थी और न ही पैसे थे.

रानी कमलापति ने दोस्त मोहम्मद खान से मांगी मदद

बताया जाता है कि रानी कमलापति ने दोस्त मोहम्मद खान से मदद मांगी. वह मदद को तैयार तो हो गया, लेकिन इसके एवज में उसने रानी से एक लाख रुपये की मांग कर दी. रानी कमलापति को बदला लेना था, सो पैसे न रहते हुए भी उन्होंने हामी भर दी. दोस्त मोहम्मद खान कभी मुगल सेना का हिस्सा हुआ करता था. लूटी हुई संपत्तियों के हिसाब में गड़बड़ी के बाद उसे सेना से निकाल दिया गया था. फिर उसने भोपाल के पास जगदीशपुर में अपनी सत्ता स्थापित कर ली थी.

कमलापति के साथ दोस्त मोहम्मद ने निजाम शाह के भतीजे बाड़ी के राजा आलम शाह पर हमला कर उसकी हत्या कर दी और इस तरह कमलापति ने अपने पति की हत्या का बदला ले लिया. हालांकि करार के मुताबिक, रानी के पास दोस्त मोहम्मद को देने के लिए एक लाख रुपये नहीं थे. उस वक्त एक लाख रुपये बहुत होते थे. ऐसे में रानी ने भोपाल का एक हिस्सा उसे दे दिया. लेकिन रानी कमलापति के बेटे नवल शाह को यह रास नहीं आया. ऐसे में नवल शाह और दोस्त मोहम्मद के बीच लड़ाई हो गई. बताया जाता है कि दोस्त मोहम्मद ने नवल शाह को धोखे से जहर देकर मार दिया. इस स्थान पर इतना खून बहा कि यहां की जमीन लाल हो गई और इसी कारण इसे लाल घाटी कहा जाने लगा.

रानी कमलापति ने ली थी जल-समाधि

इसके बाद रानी कमलापति ने बड़े तालाब बांध का संकरा रास्ता खुलवाया जिससे बड़े तालाब का पानी रिसकर दूसरी तरफ आने लगा. इसे आज छोटा तालाब के रूप में जाना जाता हैं. इसमें रानी कमलापति ने महल की समस्त धन-दौलत, जेवरात, आभूषण डालकर स्वयं जल-समाधि ले ली. दोस्त मोहम्मद खान जब तक अपनी सेना को साथ लेकर लाल घाटी से इस किले तक पहुंचा उतनी देर में सब कुछ खत्म हो गया था. स्रोतों के अनुसार रानी कमलापति ने सन् 1723 में अपनी जीवन-लीला खत्म की थी. उनकी मृत्यु के बाद दोस्त मोहम्मद खान के साथ ही नवाबों का दौर शुरू हुआ और भोपाल में नवाबों का राज्य हुआ.

ये भी पढ़ें-

Habibganj Railway Station History: किसके नाम पर है हबीबगंज रेलवे स्टेशन, जानिए इसका इतिहास, नाम बदलने की हो रही मांग

Pakistan News: चार साल की सजा के बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा हुए 20 भारतीय मछुआरे, सोमवार को होगी वतन वापसी

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'देशद्रोहियों की जान...', 15 अगस्त पर धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान
'देशद्रोहियों की जान...', 15 अगस्त पर धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान
दतिया: नर्सिंग अधीक्षक नियुक्ति निरस्त, HC का बड़ा फैसला
दतिया: नर्सिंग अधीक्षक नियुक्ति निरस्त, HC का बड़ा फैसला
मध्य प्रदेश में 24 घंटे खुल सकेंगे दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल, मिली मंजूरी
मध्य प्रदेश में 24 घंटे खुल सकेंगे दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल, मिली मंजूरी
अभिजीत दीपके बोले, 'एक धर्मेंद्र प्रधान के रेजिग्नेशन से क्या...'
अभिजीत दीपके बोले, 'एक धर्मेंद्र प्रधान के रेजिग्नेशन से क्या...'

वीडियोज

अंधविश्वास से कब मिलेगी आजादी ?
Bollywood News: विजय के Independence Day मंच पर तृषा की मौजूदगी, एक पल ने खींचा ध्यान (15.08.26)
Jagadhatri: 😯Janvi ने Jagadhatri को किया टीम से बाहर, फिर भी कॉलेज पहुंची Jagadhatri #sbs
Independence Day 2026: Rang De Basanti से Border तक, ये Patriotic Films जरूर देखें
Rhea Chakraborty ने Sushant Singh Rajput Case पर कहा, ‘Kaafi Saal Kar Liya Maine’

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
US-ईरान जंग से चीन का फायदा, प्रशांत महासागर में अब ड्रैगन पसारेगा पैर!
US-ईरान जंग से चीन का फायदा, प्रशांत महासागर में अब ड्रैगन पसारेगा पैर!
विभाजन पर अखिलेश यादव के बयान पर केशव मौर्य का पलटवार, बोले- 'गंदी सोच...'
विभाजन पर अखिलेश यादव के बयान पर केशव मौर्य का पलटवार, बोले- 'गंदी सोच...'
निरहुआ ने आम्रपाली दुबे को क्यों कहा 'चुगलीस्टार'? हर 6 महीने में मोबाइल नंबर बदल लेते हैं पवन सिंह
निरहुआ ने आम्रपाली दुबे को क्यों कहा 'चुगलीस्टार'? हर 6 महीने में मोबाइल नंबर बदल लेते हैं पवन सिंह
2027 वनडे वर्ल्ड कप की आई तारीख, महात्मा गांधी से निकला कनेक्शन
2027 वनडे वर्ल्ड कप की आई तारीख, महात्मा गांधी से निकला कनेक्शन
मक्का में बारिश के बाद बढ़ जाते हैं ये कीट, ऐसे करें बचाव
मक्का में बारिश के बाद बढ़ जाते हैं ये कीट, ऐसे करें बचाव
'मां से पूछो ...', BJP प्रदेश अध्यक्ष के CM विजय पर दिए बयान पर विवाद
'मां से पूछो ...', BJP प्रदेश अध्यक्ष के CM विजय पर दिए बयान पर विवाद
'मारी दी गई गोली', पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर भड़की CPIM
'मारी दी गई गोली', पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर भड़की CPIM
पानी में मगरमच्छ ने पकड़ी मछुआरे की टांग? भयानक वीडियो वायरल
पानी में मगरमच्छ ने पकड़ी मछुआरे की टांग? भयानक वीडियो वायरल
Embed widget