इंदौर: क्रिकेट पिच पर भिड़े कैलाश विजयवर्गीय और सज्जन वर्मा, पहली गेंद पर मंत्री ने जड़ा चौका
Indore News: इंदौर प्रेस क्लब के 'मीडिया क्रिकेट सीजन-15' में बीजेपी के कैलाश विजयवर्गीय और कांग्रेस के सज्जन सिंह वर्मा ने प्रतिद्वंद्विता भुलाकर खेल भावना का प्रदर्शन किया.

राजनीति के मैदान में एक-दूसरे पर तीखे बयानों के 'बाण' चलाने वाले बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गज नेता जब क्रिकेट की पिच पर आमने-सामने आए, तो नजारा देखने लायक था. मौका था इंदौर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित 'मीडिया क्रिकेट सीजन-15' का, जहां प्रतिद्वंद्विता पीछे छूट गई और खेल भावना की नई तस्वीर सामने आई.
इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दीपक कर्दम के इस आयोजन में राजनीति और खेल का एक दुर्लभ संगम देखने को मिला. मैच के दौरान मध्य प्रदेश के नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हाथ में बल्ला थामा और क्रीज पर उतरे. वहीं, उनके धुर राजनीतिक विरोधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने विकेट के पीछे मोर्चा संभाला और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभाई.
आज इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तक्षशिला परिसर में पत्रकार बंधुओं के क्रिकेट टूर्नामेंट 'मीडिया सीरीज 2026' में सहभागिता कर अत्यंत प्रसन्नता हुई।
— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) January 30, 2026
इस अवसर पर प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री दीपक कर्दम जी सहित समस्त पत्रकार बंधुओं को इस सार्थक पहल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित… pic.twitter.com/fjR6pp2FIT
पहली ही गेंद पर बाउंड्री, रोमांच हुआ दोगुना
कांग्रेस नेता गिरधर नागर ने जैसे ही गेंदबाजी की कमान संभाली, कैलाश विजयवर्गीय ने अपने पुराने फॉर्म का परिचय देते हुए पहली ही गेंद पर शानदार चौका जड़ दिया. बाउंड्री पार जाती गेंद और नेताओं के बीच की इस जुगलबंदी ने मैदान में मौजूद दर्शकों और पत्रकारों का दिल जीत लिया.
चर्चा में रही नोकझोंक और चुटकी
मैच के दौरान दोनों नेताओं के बीच जबरदस्त 'ह्यूमर' भी देखने को मिला. विकेट के पीछे से सज्जन सिंह वर्मा ने चुटकी लेते हुए कहा— "जब आप बैटिंग करेंगे तो चौका, छक्का और अट्ठा (आठ रन) भी लगेगा!" इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने भी बिना देर किए मुस्कुराते हुए जवाब दिया— "सज्जन भाई, अगर आप गेंदबाजी करेंगे, तो मैं खुद ही क्लीन बोल्ड हो जाऊंगा."
एक सुखद संदेश
इंदौर की तासीर हमेशा से मेल-मिलाप वाली रही है, और इस मैच ने इसे एक बार फिर साबित कर दिया. भले ही चुनावी सभाओं में ये नेता एक-दूसरे के खिलाफ खड़े नजर आते हों, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर इनकी हंसी-मजाक ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं और आपसी सद्भाव अपनी जगह.
























