MP News: 'मैं नहीं कहती बीजेपी को वोट दो...' वाले बयान पर उमा भारती ने दी सफाई, जानें क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेता और बीजेपी को अपनी पार्टी बताते हुए उमा भारती ने लिखा कि हिंदुत्व मेरी निष्ठा, भारत मेरा प्राण और संसार के सभी अभावग्रस्त लोग मेरे दिल में बसे हैं.

MP News: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती पिछले दिनों लोधी समाज के सम्मेलन में दिए गए बयान के बाद से चर्चा में हैं. उन्होंने अपने बयान का खंडन नहीं किया और कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे नेता, बीजेपी मेरी पार्टी है. उमा भारती ने पिछले दिनों भोपाल में लोधी समाज के सम्मेलन में कहा था कि आप अपने हितों को देखकर ही चुनाव में मतदान करें, मैं आपसे बीजेपी के लिए वोट देने के लिए नहीं कहूंगी. इस बयान के बाद कांग्रेस की ओर से तंज कसे जा रहे थे. इसी को लेकर उमा भारती ने सफाई दी है.
उमा भारती ने ट्वीट कर अपने बयान का जिक्र करते हुए कहा है, "25 दिसंबर को मैं लोधी समाज द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गई. वहां मैंने जो भाषण दिया उसका एक अंश सोशल मीडिया में आ रहा है और अखबारों में छप रहा है. उसके खंडन की जरूरत नहीं क्यूंकि मैंने ऐसा ही बोला है. लेकिन मेरे भाषण के पहले के कुछ वाक्य बताना जरूरी है, इसलिये ट्वीट कर रही हूं."
दी ये सफाई
उमा भारती ने कहा, "मैंने कहा, पिछले 2018 के मध्य प्रदेश के विधानसभा के चुनावों में कुछ विधानसभा क्षेत्रों से मेरी सभा से पहले लोधी समाज से कुछ फोन मेरे ऑफिस में आए थे कि दीदी की सभा रद्द कर दीजिये, हम यहां के बीजेपी के उम्मीदवार से नाराज हैं. उसी के जवाब में मैंने उस दिन ऐसा बोला. यह बात मैंने सार्वजनिक तौर पर पहली बार नहीं बोली. आप याद करिए जब हम विधानसभा चुनाव हार गए और कांग्रेस का एक समूह हमारे साथ टूटकर आया और उसके सहारे हमने सरकार का गठन किया, मंत्रिमंडल बना. तब भी मैंने सार्वजनिक तौर पर बयान दिया था कि इस मंत्रिमंडल में जाति एवं क्षेत्र का संतुलन बिगड़ा हुआ है."
'हिंदुत्व मेरी निष्ठा'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेता और बीजेपी को अपनी पार्टी बताते हुए उमा भारती ने लिखा, "हिंदुत्व मेरी निष्ठा, भारत मेरा प्राण और संसार के सभी अभावग्रस्त लोग मेरे दिल में बसे हैं. मोदी मेरे नेता, बीजेपी मेरी पार्टी है. मैंने कभी बीजेपी नही छोड़ी. मुझे निकाला गया था. तब मैंने अपने कत्र्तव्य पथ पर चलते रहने के लिये राष्ट्रवादी विचार की धाराप्रवाह में ही अपना दल बनाया. फिर उस समय के बीजेपी के अध्यक्ष नितिन गडकरी के निमंत्रण पर जिसका नरेंद्र मोदी ने भी समर्थन किया, भारतीय जनशक्ति का बीजेपी में विलय करते हुए मैं बीजेपी में वापस आ गई."
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