Madhya Pradesh के धार में राजा भोज का बनाया श्री वाग्देवी मंदिर 'कमाल मौला मस्जिद' कैसे बन गया? अब हो रहा यह दावा
Madhya Pradesh: हिंदू जनजागृति समिति के मंच से यह आवाज उठी है कि राजा भोज ने मध्य प्रदेश के धार में श्री वाग्देवी का मंदिर बनवाया था, जिसे मुस्लिम आक्रांताओं ने ध्वस्त कर उसकी जगह मस्जिद का निर्माण कराया.

INDORE NEWS: देशभर में इन दिनों ज्ञानवापी मस्जिद पर कोहराम मचा हुआ है. इसी बीच हिंदू जनजागृति समिति ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है. मध्य प्रदेश के अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव देवेंद्र पांडे ने कहा कि राजा भोज ने मध्य प्रदेश के धार में साल 1034 में माता श्री वाग्देवी (माता सरस्वती) का मंदिर बनवाया था जो मां सरस्वती का सबसे प्राचीन मंदिर था. उन्होंने कहा कि 1305 में अलाउद्दीन खिलजी ने उस मंदिर पर आक्रमण कर उसे नष्ट करने का प्रयास किया.
साल 1401 में दिलावर खान ने उस पर आक्रमण किया और मंदिर के प्रवेश द्वार पर एक मस्जिद बनवाई. इसके बाद महमूद गजनवी ने एक और मस्जिद बनवाई. पांडे ने बताया कि 1875 में अंग्रेजों के समय इस स्थान पर खुदाई के समय माता वाग्देवी की मूर्ति मिली थी, जिसे इंग्लैंड के म्यूजियम में रखा गया. उन्होंने कहा कि भारत के ज्ञान और बुद्धि की देवी आज इंग्लैंड में बंदी है. हम हिंदुओं को मूर्ति वापस लाने के लिए सरकार पर दवाब बनाना होगा.
मंदिर को तोड़कर बनवाई गई मस्जिद
हिंदू जनजागृति समिति वेबिनार में जमशेदपुर से जुड़े समिति के सुदामा शर्मा ने बताया कि चर्चा के दौरान एक न्यूज चैनल के मुख्य संपादक सुरेश चव्हाण ने कहा कि भारत के हजारों मंदिरों को तोड़कर इस्लामी आक्राताओं ने वहां मस्जिद बनवाईं. उन मंदिरों के पुनर्निर्माण के लिए हिंदुओं की अनेक पीढ़ियों ने बलिदान दे दिया, लेकिन मंदिर से अपना अधिकार कभी नहीं छोड़ा. हम भी उन्हीं हिंदुओं के वंशज हैं. हिंदुओं से जो-जो छीना गया है वह आपको उन्हें तुरंत वापस लौटाना होगा. चव्हाण ने कहा कि यह आज का नया हिंदुस्तान है. हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को वापस लेने का संकल्प कुछ शतक पहले लिया गया था, लेकिन उसे साकार करने के प्रयास आज हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि केवल अयोध्या का राम मंदिर, काशी का विश्वनाथ मंदिर या मथुरा का श्रीकृष्ण मंदिर ही नहीं कुतुबमीनार सहित देशभर के ऐसे 36 हजार मंदिरों की फेहरिस्त है. इन हड़पे हुए मंदिरों को दोबारा प्राप्त किए बिना हिंदू रुकेगा नहीं.
मंदिरों की रक्षा कैसे हो, हिंदुओं को इसका विचार करना होगा
चर्चा के दौरान सनातन संस्था के धर्म प्रचारक अभय वर्तक ने कहा कि मुगलों ने अनेक मंदिर तोड़े. हिंदुओं ने संघर्ष कर उनका दोबारा निर्माण किया, लेकिन मुगल आक्रमणकारियों ने उन्हें दोबारा ध्वस्त कर दिया. अब भी मंदिरों क पुनर्निर्माण हो रहे हैं, लेकिन मंदिरों की रक्षा के लिए हम क्या व्यवस्था करने वाले हैं, इसका विचार हिंदुओं को करना होगा. वर्तक ने कहा कि इतिहास में हुई चूक दोबारा नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हिंदुओं के साथ विश्वासघात कर कांग्रेस सरकार द्वारा लाया गया प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 मंदिरों के निर्माण में बाधा बन रहा है. इस कानून को हटाया जाना चाहिए और जहां मंदिर ढहाए गए वहां दोबारा मंदिर बनने चाहिए.
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Source: IOCL






















