कूनो नेशनल पार्क से आई गुडन्यूज़, चीता गामिनी ने 4 शावकों को जन्म दिया
Madhya Pradesh News: कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता गामिनी ने 4 शावकों को जन्म दिया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए खुशी जताई और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अहम कदम कहा.

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. यहां मादा चीता गामिनी ने 4 शावकों को जन्म दिया है, जो भारत में चीतों के पुनर्वास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. शावकों के जन्म से वन्यजीव संरक्षण को लेकर उम्मीदें और मजबूत हुई हैं.
मुख्यमंत्री ने दी बधाई, बताया बड़ी उपलब्धि
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कूनो से आई बड़ी खुशखबरी साझा की है. उन्होंने एक्स पर लिखा, "अब मध्यप्रदेश चीतों के 'पुनरुद्धार' का भी मुख्य केंद्र बन रहा है. 'गामिनी' से जन्मी भारतीय मूल की 25 माह आयु की मादा चीता द्वारा खुले जंगलों में 4 शावकों को जन्म देना इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश की धरती चीतों के वंश विस्तार के लिए पूरी तरह अनुकूल है."
उन्होंने आगे कहा, "प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सफल हो रही है. कूनो के प्रबंधकों और वन्यजीव चिकित्सकों को बहुत-बहुत बधाई."
देश में चीतों की संख्या पहुंची 57
इन 4 नए शावकों के जन्म के बाद अब भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है. इसमें कूनो में जन्मे शावक और बाहर से लाए गए चीते शामिल हैं. यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि देश में चीतों के संरक्षण और उनके पुनर्वास की दिशा में लगातार प्रगति हो रही है.
मुख्यमंत्री ने गामिनी और उसके शावकों की तस्वीरें शेयर करते हुए पार्क के अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम को बधाई दी. उन्होंने इसे ‘प्रोजेक्ट चीता’ की सफलता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया. गामिनी और उसके चारों शावक फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं और वन विभाग की टीम उन पर 24 घंटे निगरानी रख रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि खुले जंगल में शावकों का जन्म होना इस बात का संकेत है कि कूनो का पर्यावरण अब चीतों के लिए अनुकूल होता जा रहा है. यह सफलता भविष्य में भारत में चीतों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद को और मजबूत करती है.
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Source: IOCL

























