Jabalpur News: जबलपुर में बन रहे प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाई ओवर का स्थानीय लोगों ने किया विरोध, जानिए क्या है पूरा मामला
Jabalpur News: जबलपुर में बन रहे प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाई ओवर के रास्ते में आने वाले अवरोधों को हटाने का मसला उलझता जा रहा है. शहर का एक बड़ा वर्ग मुआवजे में भेदभाव से खफा है.

जबलपुर: एमपी के जबलपुर में सबसे लंबे फ्लाई ओवर के रास्ते में आ रहे घरों को नगर निगम ने तोड़ तो दिया है, लेकिन इनके मालिकों को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है. वहीं नगर निगम प्रशासन की इस वादा खिलाफी से स्थानीय लोग नाराज है और सैकड़ों लोगों ने रानीताल से मदन महल तक कैंडल मार्च निकालकर अपना आक्रोश जाहिर किया है.
सबसे लंबे फ्लाई ओवर पर मचा बवाल
जबलपुर में प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाई ओवर बनाया जा रहा है. माना जा रहा है कि साढ़े चार किलोमीटर लंबे इस फ्लाई ओवर से शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और सड़क में वाहनों के आवागमन की रफ्तार बढ़ जाएगी. शहरवासियों को इस फ्लाई ओवर निर्माण से काफी राहत मिलने वाली है लेकिन दूसरी तरफ इसके रास्ते में आने वाले अवरोधों को हटाने का मसला उलझता जा रहा है. शहर का एक बड़ा वर्ग मुआवजे में भेदभाव से खफा है.
पीडब्ल्यूडी और नगर निगम नहीं दे रहा मुआवजा
दरअसल राइट टाउन का बहुत सा क्षेत्र लीज पर है जिस पर नगर निगम अपना अधिकार जताता है. जबकि इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि वो कई सालों से यहां रह रहे हैं और बाकायदा नगर निगम एवं प्रशासन को सभी प्रकार के करों का भुगतान करते हैं. सरकार ने फ्लाई ओवर निर्माण के दौरान सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत किये गए आवासीय क्षेत्रों की मुआवजा राशि दे दी है, लेकिन पीडब्ल्यूडी एवं नगर निगम मुआवजा राशि नहीं दे रहा है.
400 घरों के हिस्से तोड़े
इसी बात पर नाराज होकर स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध जताया और शासन प्रशासन से मांग की है कि उन्हें भी फ्री होल्ड के भू स्वामियों की तरह मुआवजा दिया जाए. स्थानीय निवासी आनंद नेमा का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू होने के पहले उन्हें मुआवजा देने का वादा किया गया था. लेकिन अब नगर निगम वादे से मुकर रहा है जबकि फ्लाई ओवर निर्माण के दौरान लगभग 400 घरों के बड़े हिस्से तोड़ दिए गए. बहरहाल स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे को लेकर हाई कोर्ट में एक याचिका भी लगाई है जिस पर जनवरी तक के लिए तोड़फोड़ पर स्टे दिया गया है.
क्या कह रहे हैं अधिकारी
नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर पी एन संखेरे का कहना है कि जो लोग फ्लाई ओवर की जद में आ रही नगर निगम लीज की भूमि पर काबिज है,उन लोगों को मुआवजा नहीं मिला है. नगर निगम की लीज अनुबंध की शर्तों में लिखा है कि जनहित के कार्य में जब कभी भी पूर्ण या टुकड़े में भूमि की आवश्यकता होगी, भूखंड धारक उसे निःशुल्क देगा.
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