MP में मल-मूत्र वाला पानी पी रहे थे लोग, 16 लोगों की मौत के बाद सामने आई Exclusive नोटशीट
Indore Contaminated Water: पानी के सैंपल में फीकल कॉलीफॉर्म, ई कोलाई और क्लेस बेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं. ये बैक्टीरिया उल्टी, दस्त और आंतों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं.

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में सरकारी पानी की सप्लाई से फैली गंभीर बीमारी ने 16 लोगों की जान ले ली है. इस हादसे के बाद से पूरे शहर में मातम का माहौल है. नर्मदा लाइन से सप्लाई हो रहे पानी की जांच में मल-मूत्र जनित पेसाब और जानलेवा बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि हुई है. यह खुलासा ABP NEWS की जांच और लैब रिपोर्ट के आधार पर सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है.
पानी के सैंपल में मिले जनलेवा बैक्टीरिया
भागीरथपुरा से लिए गए पानी के सैंपल की जांच में फीकल कॉलीफॉर्म, ई कोलाई और क्लेस बेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं. ये बैक्टीरिया उल्टी, दस्त और आंतों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं. जानकारी के मुताबिक कुछ सैंपल में विब्रियो कोलेरी जैसे तत्व भी मिले हैं, जो हैजा की बीमारी में पाए जाते हैं. अब तक करीब 80 सैंपल की जांच कराई जा चुकी है, जिनमें से कुछ की रिपोर्ट आ चुकी है. अधिकारियों के अनुसार पूरी और विस्तृत लैब रिपोर्ट आने में अभी 1 से 2 दिन का समय लग सकता है.
3 साल से लोग पी रहे हैं गंदा पानी
यह मामला केवल पानी की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की भी गंभीर तस्वीर पेश करता है. नगर निगम इंदौर की 3 साल पुरानी आंतरिक नोटशीट से खुलासा हुआ है कि भागीरथपुरा में लोग तीन साल से ज्यादा समय से गंदा पानी पीने को मजबूर थे. इस नोटशीट में साफ तौर पर उल्लेख है कि पानी की लाइन में मल-मूत्र मिल रहा था. यह एक्सक्लूसिव नोटशीट वर्ष 2022 में तत्कालीन निगमायुक्त प्रतिभा द्वारा लिखी गई थी. जनवरी 2023 में इस समस्या के समाधान के लिए बजट भी पास हो गया था, लेकिन इसके बावजूद नई पाइपलाइन बिछाने का काम नहीं किया गया.
16 लोगों का जिम्मेदार कौन?
इस लापरवाही का नतीजा अब जानलेवा साबित हुआ है. गंदा पानी पीने से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, करीब 200 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें 4 की हालत गंभीर बनी हुई है. इस पूरे संकट से लगभग 1500 लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं. मध्य प्रदेश के सबसे साफ शहर के रूप में प्रचारित इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था पर अब बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. जिस शहर की तस्वीर देश के सामने मिसाल के तौर पर रखी जाती है, वही सिस्टम अपने ही नागरिकों की जान नहीं बचा सका. सवाल सीधा है कि वर्षों से हो रही इस अनदेखी और देरी के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है.
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Source: IOCL























