Indian Army: सरप्राइज, स्पीड और शॉक! भारतीय सेना की नई भैरव कमांडो बटालियन दुश्मन के लिए बनेंगे काल
भारतीय सेना की भैरव बटालियन भविष्य के युद्ध की तस्वीर बदलने जा रही है. सरप्राइज, स्पीड और शॉक के सिद्धांत पर बनी यह यूनिट दुश्मन के लिए भय का पर्याय और भारत के लिए सुरक्षा की नई ढाल है.

सरप्राइज, स्पीड और शॉक ये तीन शब्द भारतीय सेना की सबसे नई और घातक यूनिट भैरव बटालियन की पहचान हैं. यह ऐसी कमांडो फोर्स है, जो पलक झपकते दुश्मन की सीमा में घुसकर ऐसा प्रहार करती है कि दुश्मन संभलने का मौका तक न पाए. चाहे सीमा पर घुसपैठियों का सफाया करना हो या सीमा-पार आतंकी लॉन्च पैड और चौकियों को तबाह करना. भारतीय सेना के नए भैरव कमांडो हर मिशन के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
इस नई बटालियन का नाम भगवान शिव के सबसे उग्र स्वरूप काल भैरव के नाम पर रखा गया है, जिस तरह काल भैरव को महाकाल की नगरी का कोतवाल और रक्षक माना जाता है. उसी तरह ये कमांडो भी देश की सीमाओं के प्रहरी होंगे. सेना के ये भैरव कमांडो दुश्मन के लिए काल साबित होंगे, जो आतंक और घुसपैठ की हर कोशिश को जड़ से खत्म कर देंगे.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्यों पड़ी भैरव बटालियन की जरूरत
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना को ऐसी यूनिट की आवश्यकता महसूस हुई जो, दुश्मन की सीमा में गहराई तक घुसकर कार्रवाई कर सके. आतंकी लॉन्च पैड और फॉरवर्ड पोस्ट को नष्ट कर सके. पारंपरिक इन्फेंट्री और पैरा-SF के बीच की रणनीतिक खाई को भरे. इसी जरूरत ने भैरव बटालियन को जन्म दिया. इन्फेंट्री और पैरा-SF के बीच की घातक कड़ी बनी. भैरव बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर (CO) ने बताया कि यह यूनिट इन्फेंट्री बटालियन के घातक कमांडो और स्पेशल फोर्सेज (पैरा-SF) के बीच की रणनीतिक कड़ी के रूप में काम करेगी. इसका उद्देश्य सेना को और अधिक लीन, फुर्तीली और घातक बनाना है. इसी वर्ष कारगिल विजय दिवस पर थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कुल 25 भैरव बटालियन गठित करने का ऐलान किया था. हर बटालियन में लगभग 250 विशेष प्रशिक्षित कमांडो होंगे.
LOC से LAC तक तैनाती, आधा दर्जन बटालियन तैयार
भारतीय सेना की हर इन्फेंट्री रेजिमेंट में एक-एक भैरव बटालियन खड़ी की जा रही है. LOC से लेकर LAC तक लगभग दो दर्जन भैरव बटालियन तैयार की जाएंगी.इनमें से आधा दर्जन बटालियन पहले ही तैयार हो चुकी हैं. ये बटालियन पाकिस्तान और चीन सीमा पर तैनात की जा रही हैं. इनमें से एक विशेष भैरव बटालियन 15 जनवरी को जयपुर में होने वाले सेना दिवस समारोह में हिस्सा लेगी.
भैरव बटालियन का प्रतीक और मंत्र
भैरव बटालियन का प्रतीक है. इसमें एक डैगर (खंजर) जिस पर लिपटा है कोबरा (नाग) है. यह भगवान शिव के गले का नाग है, जिसका काटा पानी तक नहीं मांगता. इस प्रतीक के साथ लिखा है अदृश्य और अदम्य. यही इन कमांडो की कार्यशैली है. दिखे बिना वार और अडिग साहस.
राजस्थान में विशेष ट्रेनिंग, पाकिस्तान जैसी जमीन पर अभ्यास
एबीपी न्यूज़ की टीम ने राजस्थान में भैरव बटालियन की ट्रेनिंग को कैमरे में कैद किया. यहां कमांडो लाइट स्ट्राइक व्हीकल के साथ बंजर और ऊबड़-खाबड़ इलाकों में दुश्मन की सीमा में घुसकर हमले का अभ्यास कर रहे थे. राजस्थान की यह जमीन पाकिस्तान से सटी सीमा जैसी है, इसलिए इसे आदर्श ट्रेनिंग जोन चुना गया.
आधुनिक हथियारों से लैस भैरव कमांडो
भैरव बटालियन को लाइट और स्मॉल आर्म्स से लैस किया गया है, जिनमें AK-203 असॉल्ट राइफल,स्नाइपर राइफल, ग्रेनेड लॉन्चर,रॉकेट लॉन्चर, LMG (लाइट मशीन गन) शामिल हैं. इनका मकसद है तेजी से वार करना.
हर कमांडो ड्रोन एक्सपर्ट
भैरव बटालियन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हर कमांडो को ड्रोन ऑपरेट करने की ट्रेनिंग दी गई है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की तरफ से किए गए ड्रोन हमलों को देखते हुए सर्विलांस ड्रोन,अटैक ड्रोन, काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन. हर स्तर पर भैरव कमांडो को तैयार किया गया है.
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Source: IOCL
























