Jharkhand Politics: BJP के साथ आकर डिप्टी सीएम बने, फिर गिरा दी थी सरकार, जानें- कैसे 12 साल पहले खुद मुख्यमंत्री बने थे हेमंत सोरेन
Jharkhand Politics: झारखंड की सियासत में बड़े उलटफेर के दावे किए जा रहे हैं. इस बीच हम आपके लिए सीएम हेमंत सोरेन से ही जुड़ा एक किस्सा लेकर आएं हैं जो आपको काफी दिलचस्प लगेगा.

झारखंड में सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के भारतीय जनता पार्टी के साथ जाने की अटकलें लगाईं जा रहीं हैं. हालांकि खुद झामुमो ने इन दावों को नकार दिया है. इस बीच आईए हम आपको वो सियासी किस्सा बताते हैं जब हेमंत सोरेन पहली बार राज्य के उपमुख्यमंत्री बने वो भी बीजेपी के मदद से और फिर बाद में उसी सरकार को गिरा कर खुद मुख्यमंत्री बन गए थे.
दरअसल, वर्ष 2009 में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा और बीजेपी के बीच कई मुद्दों पर बात नहीं बनी. इसके बाद राज्य में दो बार राष्ट्रपति शासन लगा . फिर वर्ष 2010 में बीजेपी और झामुमो के गठबंधन ने अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में सरकार का गठन किया. इसी सरकार में पहली बार सोरेन डिप्टी सीएम बने.
क्या हुआ था 2010 में?
दरअसल, वर्ष 2009 में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा और बीजेपी के बीच कई मुद्दों पर बात नहीं बनी. इसके बाद राज्य में दो बार राष्ट्रपति शासन लगा . फिर वर्ष 2010 की सितंबर में बीजेपी और झामुमो के गठबंधन ने अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में सरकार का गठन किया. इसी सरकार में पहली बार सोरेन डिप्टी सीएम बने. इसके बाद वर्ष 2013 की जनवरी तक वह इस पद पर बने रहे.
हालांकि इसके बाद 2013 की जुलाई में वह राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस के समर्थन से सीएम बने और इस पद पर वर्ष 2014 के दिसंबर तक रहे. इसके बाद वर्ष 2014 से 2019 तक राज्य में बीजेपी की सरकार रही और सीएम रघुबर दास रहे. 2019 के चुनाव में सोरेन फिर जीते और कांग्रेस-राजद के समर्थन से सीएम बने. हालांकि जब उन्हें एक मामले में जेल जाना पड़ा तह चंपाई सोरेन को सीएम बनाया गया. जेल से लौटने के बाद वह फिर सीएम बने और 4 जुलाई से अभी तक इस पद पर हैं.
राज्य के कुल 7 मुख्यमंत्रियों में से सिर्फ सोरेन ही हैं जो सबसे ज्यादा समय तक सीएम रहे. अभी तक का उनका समय जोड़ा जाए तो वह 6 वर्ष से ज्यादा से सीएम हैं.
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Source: IOCL


























