सांसद रशीद इंजीनियर को झटका, संसद सत्र में भाग लेने के लिए कस्टडी पैरोल की अर्जी खारिज
Rashid Engineer News: बारामूला से सांसद रशीद इंजीनियर की कस्टडी पैरोल अर्जी को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दिया. उन्होंने संसद सत्र में हिस्सा लेने के लिए कस्टडी पैरोल की अर्जी दी थी.

Jammu Kashmir News: बारामूला से सांसद रशीद इंजीनियर को बड़ा झटका लगा है. पटियाला हाउस कोर्ट ने संसद सत्र में भाग लेने के लिए बारामूला से सांसद रशीद इंजीनियर की कस्टडी पैरोल की अर्जी खारिज कर दी. ऐसे में वो अब संसद सत्र में हिस्सा नहीं ले सकेंगे. पटियाला हाउस कोर्ट 19 मार्च को सांसद रशीद इंजीनियर की नियमित जमानत पर फैसला सुनाएगा.
जम्मू-कश्मीर के सांसद रशीद ने आगामी संसद सत्र में भाग लेने के लिए कस्टडी पैरोल मांगी थी. एडिशनल सेशन जज चंदर जीत सिंह ने याचिका खारिज करते हुए रशीद की नियमित जमानत याचिका पर आदेश सुनाने की तारीख 19 मार्च तय की है.
कोर्ट ने NIA को नोटिस जारी कर मांगा था जवाब
पटियाला हाउस कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से 3 मार्च को इस याचिका पर जवाब मांगा था. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. यह याचिका रशीद की ओर से 27 फरवरी को उनके वकील ने दाखिल की थी. याचिका में कहा गया था कि रशीद एक सांसद हैं और उन्हें अपने जनप्रतिनिधि कर्तव्यों के निर्वहन हेतु संसद सत्र में शामिल होने की आवश्यकता है.
पिछले साल 10 सितंबर को अंतरिम जमानत मिली थी
शेख अब्दुल रशीद, जिन्हें इंजीनियर रशीद के नाम से जाना जाता है, ने 2024 लोकसभा चुनावों में बारामूला सीट से उमर अब्दुल्ला को हराया था. रशीद की नियमित जमानत याचिका वर्तमान में कोर्ट में लंबित है. इससे पहले 10 सितंबर को अदालत ने उन्हें जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दी थी. प्रचार समाप्त होने के बाद रशीद ने 27 अक्टूबर को तिहाड़ जेल में फिर से आत्मसमर्पण कर दिया था.
टेरर फंडिंग मामले में जेल में बंद हैं रशीद इंजीनियर
रशीद इंजीनियर साल 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं. उन्हें एनआईए ने 2017 के टेरर फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया था. जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव तीन चरणों में 18 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच कराए गए थे. 8 अक्टूबर को परिणाम घोषित हुए, जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए 48 सीटें जीतीं.
दिल्ली हाई कोर्ट ने 24 फरवरी को पटियाला हाउस कोर्ट के सेशन जज को रशीद की जमानत याचिका पर जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया था. रशीद का नाम कश्मीरी व्यवसायी जहूर वटाली की जांच के दौरान सामने आया था. वटाली को एनआईए ने कश्मीर घाटी में आतंकी समूहों और अलगाववादियों को फंड मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था.
एनआईए ने इस मामले में कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट किया था, जिनमें कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाउद्दीन के नाम शामिल हैं.
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Source: IOCL






















