CM उमर अब्दुल्ला का तंज, 'ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देकर राष्ट्रपति बना दें'
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सबूत किसी राजनीतिक दल ने नहीं लाया. चुनाव आयोग को अपने कामकाज के तरीके में सुधार करना चाहिए. कोशिश करनी चाहिए कि इस तरह की हरकत न हो.

SIR विवाद के बीच जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ये ऐसे ही नहीं कि सारे विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हैं. चुनाव आयोग को थोड़ा आत्म निरीक्षण करना चाहिए. सबूत किसी राजनीतिक दल ने नहीं लाया. सबूत एक अखबार की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में सामने आया है. चुनाव आयोग को अपने कामकाज के तरीके में सुधार करना चाहिए. कोशिश करनी चाहिए कि इस तरह की हरकत न हो.
पश्चिम बंगाल बीजेपी चीफ समेक भट्टाचार्य ने कहा था कि ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण मिलना चाहिए. इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने तंज भरे लहजे में कहा, "पद्म भूषण क्यों, भारत रत्न दे दें. इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति बना दें. अब इतना कुछ बीजेपी के लिए किया है. तोहफे में उन्होंने बीजेपी को पश्चिम बंगाल दिया है. वो पद्म भूषण की बात कर रहे हैं, मुझे तो लगता है कि ये बहुत बड़ा अन्याय है. पहले भारत रत्न दे दो और दो साल बाद राष्ट्रपति भवन में बैठा दो."
2029 चुनाव को लेकर क्या बोले सीएम उमर अब्दुल्ला?
जब उनसे पूछा गया कि साल 2029 में यहां विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं, इस पर सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, ''2029 बहुत दूर है. हम 2026, 2027, 2028 निकाल लें फिर 2029 की बात करेंगे.''
भारत-चीन रिश्ते को लेकर विदेश मंत्री के बयान पर क्या बोले CM?
जब उनसे पूछा गया कि भारत-चीन रिश्ते को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि जो 2024-25 के रिलेशन हैं उससे बेहतर अब 2026 में देखने को मिल रहे हैं. इस सवाल पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, ''जयशंकर साहब गलत नहीं कह रहे हैं. कहां वो रिश्ते गलवान के बाद नजर ही नहीं आ रहे थे. लोगों को कहा जा रहा था कि अपने घर के बालकनियों से चाइनीज टीवी फेंको. आज कम से कम हम न सिर्फ एक दूसरे से मिल रहे हैं बल्कि ठीक-ठाक बातचीत कर रहे हैं और रहना भी ऐसे ही चाहिए.
उन्होंने आगे कहा, ''हमने हमेशा कहा है कि पड़ोसियों के साथ और दूसरे मुल्कों के साथ जितने हमारे ताल्लुकात बेहतर हों उतना हमारे लिए अच्छा है. अब चीन जैसे मुल्क के साथ ताल्लुकात ठीक रहें, इससे मुल्क को फायदा है, लेकिन अकेले चीन के साथ ही नहीं, बहुत से और मुल्क हैं जिनके साथ हमारे ताल्लुकात कुछ अच्छे नहीं हैं. हमारे पड़ोस में बांग्लादेश देख लीजिए, और भी मुल्क हैं जिनकी हम बात कर सकते हैं.''
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