'उमर अब्दुल्ला सत्ता के भूखे और BJP के एजेंट', पार्टी के ही सांसद जम्मू-कश्मीर के CM पर भड़के
Jammu Kashmir News: CM उमर अब्दुल्ला पर उनकी ही पार्टी के MP आगा रूहुल्लाह ने तीखा हमला बोला है. रूहुल्लाह ने उमर को 'हाफ CM' बताते हुए कहा कि वे अनुच्छेद 370 भूलकर सिर्फ सत्ता के लिए काम कर रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर एक बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है. पार्टी के दिग्गज नेता और लोकसभा सांसद सैयद आगा रूहुल्लाह मेहदी ने अपनी ही पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर तीखा हमला बोला है. अनंतनाग के बिजबेहरा में एक जन-संवाद कार्यक्रम के दौरान रूहुल्लाह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला लोगों के संवैधानिक अधिकारों (अनुच्छेद 370) के बजाय अपनी निजी सत्ता को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं.
बिजबेहरा में नागरिकों को संबोधित करते हुए सांसद आगा रूहुल्लाह ने मुख्यमंत्री पर चुनाव से पहले किए गए मुख्य वादों से मुकरने का आरोप लगाया. रूहुल्लाह ने कहा कि चुनाव में अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल करने की बात कही गई थी, लेकिन अब उमर अब्दुल्ला सिर्फ बीजेपी के एजेंडे वाले "राज्य का दर्जा" (Statehood) की बात कर रहे हैं. उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनीतिक चर्चा को सिर्फ राज्य के दर्जे तक सीमित रखना नई दिल्ली की सोच के अनुरूप है. जो कोई भी इस नैरेटिव को आगे बढ़ा रहा है, वह असल में "बीजेपी एजेंट" की तरह काम कर रहा है.
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'उन्हें आपकी जमीनों से मतलब नहीं, वे सिर्फ हाफ CM हैं'
रूहुल्लाह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर तंज कसते हुए उन्हें "हाफ चीफ मिनिस्टर" (आधा मुख्यमंत्री) करार दिया. उन्होंने कहा, "उन्हें आपकी नौकरियों, आपकी जमीनों या आपके अधिकारों में कोई दिलचस्पी नहीं है; चाहे बाहरी लोग उन्हें ले जाएं, उन्हें बस अपनी सत्ता बनाए रखने में दिलचस्पी है." उन्होंने दावा किया कि CM जानबूझकर चर्चा को सीमित कर रहे हैं क्योंकि उन्हें जनता की पहचान और सम्मान से ज्यादा अपनी सत्ता वापस चाहिए.
प्रशासन की रोक और महबूबा मुफ्ती का निशाना
यह कार्यक्रम तब और चर्चा में आ गया, जब पता चला कि स्थानीय अधिकारियों ने शुरू में अनंतनाग टाउन हॉल में इस जन-संवाद की अनुमति नहीं दी थी. इसके कारण लोगों को कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच कार्यक्रम करना पड़ा. इस पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती जैसे विपक्षी नेताओं ने सरकार के इस राजनीतिक दोहरेपन की कड़ी आलोचना की.
फारूक अब्दुल्ला ने किया बचाव
पार्टी के भीतर बढ़ते इस संकट के बीच NC अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने उमर का बचाव किया है. उन्होंने साफ किया कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना सिद्धांतों से समझौता नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में स्कूल, अस्पताल बनाने और जनता की बुनियादी समस्याओं को हल करने के लिए यह एक प्रशासनिक जरूरत है.
जंतर-मंतर मार्च पर छाया संकट
रूहुल्लाह ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ऐसे "सत्ता ढांचे" को मंजूरी नहीं देंगे जो लोगों के खिलाफ हो. जंतर-मंतर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रस्तावित "राज्य का दर्जा बहाल करने के मार्च" से ठीक पहले सांसद और पार्टी नेतृत्व के बीच इस तनातनी ने कार्यक्रम पर सवालिया निशान लगा दिया है. इस मार्च के लिए NC ने INDIA गठबंधन और गैर-NDA के 52 नेताओं को आमंत्रित किया है, लेकिन खुद पार्टी के सांसद आगा रूहुल्लाह ने इसका बहिष्कार करने की घोषणा कर दी है.
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