वैष्णो देवी जुड़े चांदी मामले पर गरमाई सियासत, उद्धव ठाकरे गुट ने CBI जांच की मांग की
Jammu-Kashmir News In Hindi: मनीष साहनी ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद प्रशासन और क्राइम ब्रांच की कार्यप्रणाली निराशाजनक रही. समय पर FIR दर्ज न होना कई सवाल खड़े करता है.

जम्मू-कश्मीर में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) इकाई ने श्री माता वैष्णो देवी मंदिर से जुड़े कथित चांदी शुद्धता प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) जम्मू के हस्तक्षेप का स्वागत करते हुए पूरे मामले की सीबीआई अथवा उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
पार्टी के प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद प्रशासन और क्राइम ब्रांच की कार्यप्रणाली निराशाजनक रही. समय पर एफआईआर दर्ज न होना और प्रभावी जांच शुरू न किया जाना कई सवाल खड़े करता है.उन्होंने कहा कि सीजेएम द्वारा क्राइम ब्रांच को 29 जुलाई को रिकॉर्ड सहित व्यक्तिगत रूप से तलब किए जाने का आदेश जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बढ़ रहीं चिंताएं
मनीष साहनी ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा गबन से जुड़े हालिया खुलासों के बाद देशभर के प्रमुख धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ी हैं. ऐसे में श्री माता वैष्णो देवी मंदिर से जुड़े इस प्रकरण की निष्पक्ष, समयबद्ध और पारदर्शी जांच अत्यंत आवश्यक है, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास अक्षुण्ण बने रहें.
उन्होंने कहा कि जांच का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना होना चाहिए कि श्रद्धालुओं को कथित रूप से अशुद्ध चांदी बेची गई या श्राइन बोर्ड के भंडार में सुरक्षित चांदी से किसी स्तर पर छेड़छाड़ हुई. यदि इनमें से कोई भी आरोप सत्य पाया जाता है तो यह केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ गंभीर विश्वासघात होगा.
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
शिवसेना (यूबीटी) ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने तथा उपराज्यपाल एवं श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष से पूरे प्रकरण पर श्वेत पत्र जारी कर श्रद्धालुओं के समक्ष वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की.






















