जम्मू में शिवसेना उद्धव गुट ने उठाया अवैध प्रवासियों का मुद्दा, केंद्र से की ये मांग
Jammu Kashmir News In Hindi: जम्मू-कश्मीर इकाई में अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी पर शिवसेना के प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है.

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने जम्मू-कश्मीर इकाई में अवैध अप्रवासन की जांच एवं समीक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नवलेकर की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति के 10 से 12 अगस्त तक प्रस्तावित जम्मू दौरे का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल अवैध प्रवासियों की पहचान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अवैध रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी नागरिकों का समयबद्ध डिपोर्टेशन सुनिश्चित किया जाए तथा केंद्र की मोदी सरकार इस संबंध में सख्त और प्रभावी कानूनी व्यवस्था भी बनाए.
शिवसेना के प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, जम्मू की जनसांख्यिकीय संरचना, स्थानीय युवाओं के रोजगार तथा सामाजिक संतुलन से जुड़ा अत्यंत गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा है.
जम्मू, सांबा सहित अनेक क्षेत्रों में अवैध प्रवासियों की मौजूदगी
साहनी ने कहा कि विभिन्न सार्वजनिक रिपोर्टों एवं उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार जम्मू, सांबा, डोडा, किश्तवाड़, राजौरी, पुंछ तथा हीरानगर होल्डिंग सेंटर सहित अनेक क्षेत्रों में अवैध प्रवासियों की मौजूदगी को लेकर लंबे समय से चिंताएं व्यक्त की जाती रही हैं. नरवाल, भाटिंडी, कासिम नगर और चन्नी रामा जैसे क्षेत्रों का बार-बार चर्चा में आना तथा हाल ही में बनिहाल में 21 संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के पकड़े जाने की घटना इस विषय की गंभीरता को और रेखांकित करती है.
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अवैध प्रवासियों को आश्रय देने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग
उन्होंने मांग की कि जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे सभी रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी नागरिकों की समयबद्ध पहचान, सत्यापन और कानून के अनुरूप डिपोर्टेशन किया जाए. साथ ही, उन्हें आश्रय, रोजगार, किरायेदारी, पहचान पत्र या किसी भी प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं, अधिकारियों तथा संगठित नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
'केन्द्र सरकार को ऐसा कठोर कानून लाना चाहिए, जिससे अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान, हिरासत और समयबद्ध डिपोर्टेशन के लिए स्पष्ट कानूनी व्यवस्था बने तथा उन्हें संरक्षण देने वाले व्यक्तियों और नेटवर्क पर भी समान रूप से कठोर कार्रवाई हो.'
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