जम्मू में डेमोग्राफिक चेंज पर केंद्र का बड़ा एक्शन! रोहिंग्या-बांग्लादेशी बस्तियों में पहुंचेगी समिति
जम्मू में जनसांख्यिकीय बदलाव पर केंद्र की समिति ने अधिकारियों से बैठक की. टीम आज मंगलवार को रोहिंग्या और संदिग्ध बांग्लादेशी प्रवासियों की बस्तियों का मौके पर निरीक्षण करेगी.

जम्मू में जनसांख्यिकीय बदलाव यानी डेमोग्राफिक चेंज को लेकर केंद्र सरकार की समिति ने अपने तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत कर दी है. सोमवार को जम्मू पहुंची समिति ने पहले दिन वरिष्ठ सिविल और पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में जम्मू क्षेत्र में अवैध प्रवासियों के बसने और उससे जुड़े सुरक्षा एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई.
समिति की बैठक में जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, गृह विभाग के प्रधान सचिव चंद्रकर भारती, संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और पुलिस महानिरीक्षक बीएस टूटी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने समिति को जम्मू संभाग में अवैध प्रवासियों की स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी.
जम्मू-कश्मीर में कब होगा कैबिनेट का विस्तार? CM उमर अब्दुल्ला ने दिया अपडेट
बैठक के दौरान म्यांमार से आए रोहिंग्याओं और संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के जम्मू क्षेत्र में बसने से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई. अधिकारियों ने उनके यहां पहुंचने के समय, मौजूदा स्थिति और प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी समिति के सामने रखी.
समिति को सौंपी गई विस्तृत रिपोर्ट
सिविल और पुलिस प्रशासन ने समिति को जम्मू क्षेत्र में अवैध प्रवासियों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट भी सौंपी. अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू में एक समय रोहिंग्याओं की बड़ी संख्या में आमद हुई थी, जिसे अब काफी हद तक नियंत्रित किया गया है. हालांकि दूसरे राज्यों के रास्ते नए लोगों के आने की कुछ घटनाओं से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है.
बैठक में हाल में पकड़े गए 21 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों का मामला भी सामने आया. ये लोग रामबन जिले के बनिहाल तक पहुंच गए थे और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था. बताया गया कि वे कश्मीर घाटी की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे.
आज बस्तियों में पहुंचेगी टीम
दौरे के दूसरे दिन यानी मंगलवार को समिति उन इलाकों का दौरा करेगी, जहां रोहिंग्या और अन्य संदिग्ध अवैध प्रवासियों के बसे होने की जानकारी सामने आई है. समिति कासिम नगर, मुरलियान और जगती समेत कुछ अन्य क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण कर सकती है. इस दौरान समिति जनसांख्यिकीय बदलाव के प्रभाव और स्थानीय स्तर पर इससे जुड़े सामाजिक एवं सुरक्षा पहलुओं का आकलन करेगी. जरूरत पड़ने पर सीमावर्ती इलाकों का दौरा भी किया जा सकता है.
संगठनों और स्थानीय लोगों से भी होगी मुलाकात
समिति से मिलने के लिए कुछ संगठनों और व्यक्तियों के प्रतिनिधियों ने भी समय मांगा है. ये प्रतिनिधि जम्मू क्षेत्र में कथित जनसांख्यिकीय बदलाव और उसके प्रभाव से जुड़ी अपनी जानकारी समिति के सामने रख सकते हैं. केंद्र सरकार की समिति का यह दौरा तीन दिनों का है. समिति 12 अगस्त को नई दिल्ली लौटेगी. दौरे के दौरान प्रशासनिक रिपोर्ट, जमीनी स्थिति और स्थानीय प्रतिनिधियों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर जम्मू में जनसांख्यिकीय बदलाव से जुड़े मुद्दों का आकलन किया जाएगा.
PoK में तनाव के बीच जम्मू जाएंंगे आर्मी चीफ, सीमावर्ती इलाकों का लेंगे जायजा






















