15 अगस्त से पहले जम्मू कश्मीर में बढ़ी सुरक्षा, श्रीनगर से जम्मू तक हाई अलर्ट
Independence Day 2026: जम्मू-कश्मीर में 15 अगस्त से पहले आतंकी खतरे के अलर्ट के बीच श्रीनगर और जम्मू में सुरक्षा कड़ी, ड्रोन-CCTV से निगरानी बढ़ा दी गई है.

जम्मू-कश्मीर में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. खुफिया एजेंसियों की ओर से मिले नए टेरर थ्रेट अलर्ट के बाद श्रीनगर, जम्मू समेत घाटी के दूसरे बड़े शहरों और कस्बों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है. मुख्य कार्यक्रम स्थलों के साथ-साथ सड़कों, बाजारों, ट्रांसपोर्ट हब और संवेदनशील इलाकों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है.
श्रीनगर में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम बख्शी स्टेडियम में होना है, जहां मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तिरंगा फहराएंगे. कार्यक्रम को देखते हुए स्टेडियम और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा का मजबूत घेरा तैयार किया गया है.
वहीं जम्मू में होने वाले मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. अधिकारियों के मुताबिक दोनों प्रमुख कार्यक्रम स्थलों के आसपास सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं.
एंटी-सैबोटेज चेकिंग और फ्रिस्किंग तेज
IGP कश्मीर वीके बिरदी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियां स्वतंत्रता दिवस समारोह में किसी भी तरह की रुकावट डालने की कोशिश को रोकने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही हैं. इसमें एंटी-सैबोटेज चेकिंग, एरिया डॉमिनेशन एक्सरसाइज, सर्विलांस और फ्रिस्किंग ऑपरेशन शामिल हैं.
सुरक्षा बलों की ओर से लोगों और वाहनों की जांच की जा रही है. कई जगहों पर मोबाइल चेकपॉइंट और नाके लगाए गए हैं. यहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है.
हाईवे और प्रमुख रास्तों पर भी कड़ी निगरानी
श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे पर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है. खासतौर पर संवेदनशील हिस्सों और महत्वपूर्ण जंक्शनों पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है. श्रीनगर और जम्मू की तरफ जाने वाली प्रमुख सड़कों पर भी चेकिंग की जा रही है. इसके अलावा बाजारों, एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स, बस स्टैंड और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है.
श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम और स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ी दूसरी अहम जगहों पर सैनिटाइजेशन और एंटी-सैबोटेज ऑपरेशन किए जा रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम स्थल के आसपास के इलाकों में लोगों की आवाजाही पर भी नजर रख रही हैं. किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए क्विक रिएक्शन टीम यानी QRT, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और एंटी-सैबोटेज टीमों को भी तैयार रखा गया है.
ड्रोन और CCTV से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. संवेदनशील इलाकों, जरूरी रास्तों और सार्वजनिक जगहों पर ड्रोन के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है. इसके अलावा कई महत्वपूर्ण स्थानों पर CCTV कैमरों की निगरानी बढ़ाई गई है.
मौजूदा कैमरा नेटवर्क के साथ K9 यानी डॉग स्क्वॉड को भी लगाया गया है. इन टीमों का इस्तेमाल विस्फोटक या संदिग्ध सामान की पहचान और कार्यक्रम स्थलों की जांच के लिए किया जा रहा है.
J&K पुलिस के साथ सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स भी सुरक्षा अभियान में जुटी हैं. घाटी और जम्मू इलाके में नाइट पेट्रोलिंग और एरिया डॉमिनेशन एक्सरसाइज को तेज किया गया है.
सुरक्षा एजेंसियां उन इलाकों में भी सर्च और सर्विलांस कर रही हैं, जिन्हें सुरक्षा के लिहाज से कमजोर माना जाता है. मकसद साफ है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके.
हालिया आतंकी घटनाओं के बाद बढ़ाई गई सतर्कता
अधिकारियों के मुताबिक ये सुरक्षा इंतजाम हाल ही में दक्षिण कश्मीर में हुई आतंकी घटनाओं के बाद और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं. इन घटनाओं में एक पुलिसकर्मी और दो बाहरी मजदूरों की मौत हुई थी.
इसी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों या उनके मददगारों की किसी भी संभावित गतिविधि पर नजर रख रही हैं. अधिकारियों को आशंका है कि आतंकी स्वतंत्रता दिवस के आसपास किसी जगह को निशाना बनाने या लोगों से जुड़े कार्यक्रमों में खलल डालने की कोशिश कर सकते हैं.
लोगों से सुरक्षा बलों के साथ सहयोग की अपील
IGP कश्मीर वीके बिरदी ने लोगों से स्वतंत्रता दिवस समारोह में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस लोगों के जश्न का दिन है और सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि लोग बिना किसी डर के कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकें.
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सुरक्षा बलों ने लोगों से अपील की है कि चेकिंग और फ्रिस्किंग के दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें.
अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा के ये इंतजाम 15 अगस्त से पहले, समारोह के दौरान और उसके तुरंत बाद भी जारी रहेंगे. सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए रखेंगी, ताकि स्वतंत्रता दिवस का जश्न शांतिपूर्ण माहौल में हो सके.





















