जम्मू-कश्मीर को राज्य के दर्जे की मांग पर सियासत, NC के बाद अब कांग्रेस भी करेगी प्रदर्शन, PM को लिखा पत्र
Jammu Kashmir News In Hindi: जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने को लेकर 20 जुलाई को उमर अब्दुल्ला के दिल्ली में प्रदर्शन से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी 19 जुलाई को जम्मू में इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करेगी.

जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने को लेकर 20 जुलाई को उमर अब्दुल्ला के दिल्ली में प्रदर्शन से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी 19 जुलाई को जम्मू में इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करेगी. वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर आगामी मानसून सत्र में जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने को लेकर बिल लाने की मांग की है.
जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने को लेकर सियासत अपने चर्म पर है. जहां एक तरफ इस मांग को लेकर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन करने की बात कह रहे हैं. वहीं, अब जम्मू कश्मीर कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर 19 जुलाई को उप राज्यपाल के निवास का घेराव करेगी.
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कांग्रेस ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
गौरतलब है कि सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शन से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस इस मुद्दे पर सड़कों पर उतरेगी. इस मामले को लेकर कांग्रेस के अध्यक्ष खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को एक चिट्ठी लिखी है. कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वो संसद के आगामी मानसून सत्र में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए कानून लाए.
इस चिट्ठी में कांग्रेस नेताओं ने लिखा है कि पिछले पांच वर्षों से, जम्मू-कश्मीर के लोग लगातार पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहे हैं. यह मांग जायज है और उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों पर मजबूती से आधारित है.
केंद्र को दिलाई उसके वादों की याद
प्रधानमंत्री को लिखी गई चिट्ठी में कांग्रेस नेताओं ने आगे लिखा, 'अतीत में केंद्र शासित प्रदेशों को राज्य का दर्जा दिए जाने के उदाहरण रहे हैं, लेकिन आजाद भारत में जम्मू-कश्मीर का मामला अभूतपूर्व है. यह पहली बार है जब एक पूर्ण राज्य को दो हिस्सों में बांटने के बाद केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है. आपने कई मौकों पर व्यक्तिगत रूप से राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है. 19 मई 2024 को भुवनेश्वर में एक साक्षात्कार में आपने कहा था कि राज्य का दर्जा बहाल करना एक पक्का वादा है जो हमने किया है और हम उस पर कायम हैं.19 सितंबर 2024 को श्रीनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए आपने दोबारा कहा था कि हमने संसद में कहा है कि हम इस क्षेत्र को राज्य का दर्जा बहाल करेंगे.
सरकार से पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए कानून लाने की मांग
चिट्ठी में आगे लिखा है, 'केंद्र सरकार ने भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष अनुच्छेद 370 से जुड़े मामले में भी इसी तरह का आश्वासन दिया है और कहा है कि राज्य का दर्जा "जल्द से जल्द और यथाशीघ्र" बहाल किया जाएगा. इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह संसद के आगामी मानसून सत्र में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए कानून लाए.'
चिट्ठी के अंत में कहा गया है कि हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वो लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत शामिल करने के लिए कानून लाए. यह कदम लद्दाख के लोगों की सांस्कृतिक, विकासात्मक और राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ उनके अधिकारों, जमीन और पहचान की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा.
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