CRPF के बर्खास्त जवान मुनीर अहमद और पाकिस्तानी पत्नी पर इल्तिजा मुफ्ती बोलीं, 'अभी तो इसमें...'
CRPF dismissed Munir Ahmed: पाकिस्तानी महिला मीनल खान से शादी की बाद छुपाने के आरोप में सीआरपीएफ ने जवान मुनीर अहमद को बर्खास्त कर दिया.

CRPF से बर्खास्त जवान मुनीर अहमद और उनकी पाकिस्तानी पत्नी मीनल खान के मामले में इल्तिजा मुफ्ती ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मुझे इस केस के बारे में नहीं पता. जैसा मैंने कहा कि अगर पुलिस के लोग बात छिपा रहे हैं तो उसकी जिम्मेवारी मेरे तक नहीं है. लेकिन मैंने कुछ इंटरव्यू देखे. इन्होंने कुछ कहा कि सीआरपीएफ और यहां की सिक्योरिटी एजेंसियों को भी इंफॉर्म किया था. ये किसी सीआरपीएफ के जवान का निजी मामला है. अभी मैं कैसे इसमें कुछ बता सकती हूं. अभी तो इसमें भी तहकीकात चल रही है.
मुनीर अहमद का क्या कहना है?
दरअसल, पाकिस्तानी महिला से शादी की बात छिपाने के आरोप में सीआरपीएफ जवान मुनीर अहमद को उनकी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. इसके बाद मुनीर अहमद की भी प्रतिक्रिया सामने आई. उन्होंने दावा किया कि सीआरपीएफ हेडक्वार्टर से इजाजत मिलने के बाद ही उन्होंने शादी की थी. उनके मुताबिक, मंजूरी मिलने के करीब एक महीने बाद उन्होंने पाकिस्तानी महिला से शादी की.
Srinagar, J&K: PDP President Mehbooba Mufti's daughter, Iltija Mufti on the CRPF's decision to dismiss a jawan for concealing his marriage to a Pakistani woman says, "I am not aware of this matter. If the police people are hiding the matter then it is not my responsibility. I saw… pic.twitter.com/aYVO0Az1sh
— IANS (@ians_india) May 6, 2025
मामा की बेटी से की शादी
मीनल खान, मुनीर अहमद के मामा की बेटी हैं. वहीं मुनीर अहमद, मीनल खान के बुआ के बेटे हैं. मुनीर अहमद ने सेवा से बर्खास्त किए जाने के बाद कहा था कि वो इसे कोर्ट में चुनौती देंगे.
कब हुई थी शादी?
मुनीर अहमद साल 2017 में सीआरपीएफ में शामिल हुए थे. उन्होंने बताया था कि 1947 के विभाजन के दौरान उनके मामा जम्मू से पाकिस्तान चले गए थे. उन्होंने बताया कि दोनों की शादी ऑनलाइन हुई थी. पिछले साल 24 मई 2024 को वीडियो कॉल पर दोनों की शादी हुई. उन्होंने दावा किया कि शादी की फोटो और निकाह के डॉक्यूमेंट भी उन्होंने 72वीं बटालियन में जमा करा दिए, जहां वो तैनात थे.
बता दें कि मुनीर अहमद की पत्नी मीनल खान अभी भारत में ही है. उनको पाकिस्तान जाना था लेकिन आखिर समय में कोर्ट से राहत मिल गई. पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के आदेश दिए थे.
Source: IOCL






















