शहीद बेटे नायक दिलवर खान के सम्मान में मां ने स्वीकार किया कीर्ति चक्र, आंखों में आंसू देख सभी हुए भावुक
Kirti Chakra Nayak Dilwar Khan: जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए नायक दिलवर खान को मरणोपरांत 'कीर्ति चक्र' से सम्मानित किया गया.राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी मां को यह सम्मान दिया.

Kirti Chakra Awardee Nayak Dilwar Khan: जम्मू के कुपवाड़ा में आतंकियों से लोहा लेते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर सपूत नायक दिलवर खान को मरणोपरांत 'कीर्ति चक्र' से सम्मानित किया गया. अपने बेटे की तरफ से नायक दिलवर खान की मां ने यह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह सम्मान स्वीकार किया.
इस दौरान नायक दिलवर खान की मां की आंखों में गर्व और दुख के आंसू देख सभी भावुक हो गए. इसका वीडियो भी सामने आया है. असाधारण वीरता का परिचय देने वाले हिमाचल प्रदेश के बेटे नायक दिलवर खान पर पूरे देश को गर्व है.
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू भी हुए भावुक
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीडियो शेयर करते हुए 'एक्स' पर लिखा, "नई दिल्ली में आज महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा हिमाचल प्रदेश के ऊना ज़िला के घरवासड़ा गांव निवासी वीर सपूत नायक दिलवर खान को मरणोपरांत ‘कीर्ति चक्र’ से सम्मानित किया गया. 23 जुलाई, 2024 को दिलवर खान ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की."
सीएम सुक्खू ने आगे लिखा, "देश की सेवा में उनके शौर्य एवं पराक्रम को हमेशा याद रखा जाएगा और उनकी वीरता युवाओं को मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रेरित करती रहेगी." गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 76वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 11 मरणोपरांत समेत 93 सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों को वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी थी.
नई दिल्ली में आज महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा हिमाचल प्रदेश के ऊना ज़िला के घरवासड़ा गाँव निवासी वीर सपूत नायक दिलवर ख़ान जी को मरणोपरांत ‘कीर्ति चक्र’ से सम्मानित किया गया।
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) May 22, 2025
23 जुलाई, 2024 को दिलवर ख़ान जी ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों को… pic.twitter.com/CgXaujFyBy
दिलवर खान के शौर्य की कहानी
दरअसल, साल 2024 की जुलाई में श्रीनगर के नजदीक आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ हुई थी. उस दौरान भारतीय सेना के जवान नायक दिलवर खान ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था. दिलवर खान इंडियन आर्मी में गनर थे और मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के रहने वाले थे. शहादत के समय उनकी उम्र सिर्फ 28 साल थी.
कुपवाड़ा जिले के लोलाब घाटी में 23 जुलाई 2024 की रात करीब 11:30 बजे नायक दिलवर खान की टुकड़ी ने दो आतंकवादियों को देखा. इनमें से एक बहुत ही करीब था. टुकड़ी ने आतंकवादी पर गोली चलाई. नज़दीकी आतंकवादी से अपनी टीम पर गंभीर खतरे की आशंका को देखते हुए दिलवर खान ने खुद की जान की परवाह नहीं की और भारी गोलीबारी के बावजूद आतंकी पर झपट्टा मार दिया और उसे पकड़ लिया.
दिलवर खान की आतंकी से हाथापाई चल रही थी, जबकि दूसरा आतंकवादी दूर से अंधाधुंध फायरिंग कर रहा था. इस गोलीबारी में दिलवर खान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने आतंकवादी को जाने नहीं दिया. दम तोड़ने से पहले उन्होंने गोली चलाकर पकड़े गए आतंकवादी को मार गिराया.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















