हिमाचल के कांगड़ा में रहस्यमयी पत्थरों की 'बरसात' से हड़कंप, पुलिस बोली- 'ये बच्चों की...'
Himachal News: देहरा के खैरियां गांव में रहस्यमयी पत्थरों की बरसात से दहशत फैल गई थी, जिन पर डरावने संदेश लिखे थे. पुलिस जांच में पता चला कि यह किसी संगठन का काम नहीं, बल्कि बच्चों की शरारत थी.

उपमंडल देहरा की ग्राम पंचायत खैरियां के वार्ड नंबर दो पनसाल में पिछले एक हफ्ते से रहस्यमयी पत्थरों की बरसात ने लोगों को भयभीत कर रखा था. हर रात अचानक घरों की छतों और आंगनों पर पत्थर गिरते. इतना ही नहीं, कई पत्थरों पर डरावने संदेश लिखे हुए थे. एक पत्थर पर साफ लिखा मिला – “एंड गेम बचके रहना अल्ला हु अकबर”.
घटनास्थल पूर्व विधायक होशियार सिंह के घर के पास ही है. खास बात यह है कि उनके घर पर पहले से ही गृह मंत्रालय (MHA) की सुरक्षा के तहत CRPF जवान तैनात हैं. इसके बावजूद पास के 4–5 घरों पर रोजाना पत्थरों की बरसात और चेतावनी भरे संदेश मिलना पूरे इलाके के लिए रहस्य बन गया.
'रोजाना रात को कोई पत्थर फेंकता था छतों पर'
ग्राम पंचायत प्रधान जसवीर गुलेरिया ने बताया कि सबसे पहले एक घर का ताला और ग्लेज टूटा पाया गया था. इसके बाद लगातार रात को पत्थरों का गिरना शुरू हो गया. ग्रामीणों ने पंचायत को सूचना दी और फिर पुलिस भी मौके पर पहुंची. वार्ड पंच कमल किशोर ने कहा, “मैंने पुलिस स्टेशन हरिपुर में इसकी शिकायत करवाई थी. बीती रात पुलिस के जवान गांव में गश्त पर थे. उसी रात पत्थर नहीं गिरे. जबकि पिछले एक हफ्ते से रोजाना रात को कोई पत्थर छतों पर फेंकता था.”
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इलाके में संदिग्ध लोगों को भी घूमते देखा है. इस वजह से गांव में दहशत और बढ़ गई थी. कई परिवार डर के कारण रातभर सो भी नहीं पा रहे थे.
'किसी तरह का सुरक्षा नहीं है खतरा'
इस पूरे मामले पर एसपी मयंक चौधरी ने अब साफ किया है कि इसमें किसी भी तरह का बड़ा खतरा नहीं है. उन्होंने कहा, “जांच में सामने आया है कि यह पत्थरों की बरसात किसी संगठन या बाहरी तत्व का काम नहीं, बल्कि बच्चों की शरारत थी. बच्चों ने मज़ाक में पत्थर फेंककर डर पैदा किया. ग्रामीण निश्चिंत रहें, किसी तरह का सुरक्षा खतरा नहीं है.”
एसपी ने यह भी कहा कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और पूर्व विधायक के घर की सुरक्षा में किसी तरह की कमी नहीं थी. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.
फिलहाल गांव में माहौल थोड़ा हुआ है शांत
हालांकि, पुलिस के इस बयान के बावजूद ग्रामीणों के मन से पूरी तरह संदेह खत्म नहीं हुआ है. लोगों का कहना है कि बच्चों द्वारा पत्थरों पर इस तरह के संदेश लिखना और रोजाना देर रात को घरों की छतों पर फेंकना असामान्य लगता है. ग्रामीणों का कहना है कि “बच्चे इतनी बड़ी हरकत कर सकते हैं या नहीं, यह सवाल अब भी बना हुआ है.” फिलहाल गांव में माहौल थोड़ा शांत हुआ है, लेकिन लोग अब भी सतर्क हैं. पंचायत ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर निगरानी रखें और ऐसी हरकतों से रोकें.
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Source: IOCL





















