Kangra Earthquake: कांगड़ा में मच गई थी तबाही, एक झटके ने ले ली 20 हजार से ज्यादा जिंदगियां
Himachal News: इस भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए हिमाचल में शुक्रवार को कई कार्यक्रम आयोजित किए गए. आपदा जागरूकता दिवस के तौर पर रैली भी निकाली गई.

Kangra Earthquake: हिमाचल के कांगड़ा में साल 1905 में आज ही के दिन (4 अप्रैल, 2025) विनाशकारी भूकंप आया था. जिसको 120 साल पूरे हुए हैं. इस भूकंप में कांगड़ा जिले में 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. हालांकि उस वक्त वहां की जनसंख्या बहुत कम थी. साथ ही मकान भी छोटे होते थे. इस भूकंप में जान-माल सहित कई भवन क्षतिग्रस्त हुए थे. लेकिन दो भवन सुरक्षित रह गए थे. इन भवनों में एक जिला कांगड़ा में अंग्रेजों द्वारा निर्मित ट्रेजरी कार्यालय और दूसरा मंदिर था. ये दोनों इमारतें न तो गिरीं और न ही इनमें कोई दरार तक आई थी.
उस विनाशकारी भूकंप की याद में और जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए हिमाचल में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला की ओर से 4 अप्रैल 1905 को जिला कांगड़ा में आए भयावह भूकंप में जान गंवाने वालों की याद में जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार को आपदा जागरूकता दिवस के तौर पर रैली निकाली गई.

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बच्चों की रैली को हरी झंडी दिखाकर सीटीओ से शेर ए पंजाब तक रवाना किया. लोअर बाजार से होते हुए बच्चों ने नारेबाजी करते हुए लोगों को भूकंप एवं आपदा को लेकर जागरूक रहने का आह्वान किया.
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि 4 अप्रैल, 2025 को कांगड़ा भूकंप के 120 वर्ष पूरे हुए. उस दुर्भाग्यपूर्ण घड़ी में विपत्ति-ग्रस्त लोगों की याद में जागरूकता रैली निकाली गई. उन्होंने बताया कि इस दौरान आपदा का शिकार हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता गतिविधियों का आयोजन भी किया गया. 1905 में भूकंप के दौरान 20 हजार के करीब लोगों ने जान गंवाई थी जबकि एक लाख से भी ज्यादा भवन क्षतिग्रस्त हुए थे.
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा कभी उत्पन्न न हो और इस तरह की आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि आपदा की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके. इसके अलावा जिलाधीश भवन में सभी कार्यालयों में भूकंप को लेकर मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया.
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