HP News: FDR तकनीक से सड़क बनाने वाला चौथा राज्य बनेगा हिमाचल, 666 किलोमीटर लंबी रोड होगी तैयार
FDR Technique for Road Making: हिमाचल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 666 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण एफडीआर तकनीक से होगा. एफडीआर तकनीक से सड़क बनाने वाला हिमाचल देश का चौथा राज्य होगा.

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में पहली बार सड़कों का निर्माण फुल डेप्थ रेक्लेमेशन (Full Depth Reclamation) तकनीक पर किया जाएगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार देर शाम लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा पर आयोजित बैठक में दी. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़कों में इस तकनीक का उपयोग करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए और कहा कि शुरूआती चरण में विभिन्न जिलों में 666 किलोमीटर सड़कों का निर्माण इस तकनीक से किया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है.
एफडीआर तकनीक से रोड बनाने वाला चौथा राज्य
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार और असम के बाद हिमाचल प्रदेश एफडीआर तकनीक का इस्तेमाल कर सड़क निर्माण करने वाला देश का चौथा राज्य बनने जा रहा है. इस तकनीक से सड़कें ज्यादा टिकाऊ बनती हैं और गाड़ियों के लिए भी यह सड़कें बेहतर है. इसकी लागत भी कम है और यह तकनीक पारिस्थितिकी के अनुकूल (Eco Friendly) भी है. इस तकनीक में सड़क की सतह से सामग्री का उपयोग कर इसमें सीमेंट और एडिटिव को मिलाकर एक मिश्रण तैयार किया जाता है. इससे सड़कों का निर्माण किया जाता है.
2 हजार 683 करोड़ रुपए होंगे व्यय
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सुविधा के लिए सड़क संपर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है. आने वाले समय में करीब 2 हजार 682 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा. इसमें से 666 किलोमीटर सड़कें एफडीआर तकनीक, 556 किमी सड़कें सीमेंट स्टेबलाइजेशन और 1 हजार 460 किलोमीटर सड़कों का निर्माण परम्परागत तरीके से किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इन पर लगभग 2 हजार 683 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे. इस बैठक मेंमुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत प्रदेश में सड़कें लोगों की जीवन रेखा कही जाती हैं. उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सड़क निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और इन सड़कों का निर्माण कार्य समयबद्ध पूरा करने के भी निर्देश दिए, ताकि लोगों को सड़क सुविधा का लाभ समय पर मिल सके.
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