हिमाचल: राज्यपाल ने 2 मिनट में खत्म किया अभिभाषण, 13 पैराग्राफ छोड़े, RDG पर CM-जयराम में ठनी
Himachal Politics: हिमाचल विधानसभा सत्र हंगामे से शुरू हुआ, राज्यपाल ने अभिभाषण के कुछ अंश संवैधानिक आपत्तियों के कारण नहीं पढ़े. मुख्यमंत्री ने RDG रोकने पर विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया.

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आगाज सोमवार (16 फरवरी) को भारी गहमागहमी और एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के साथ हुआ. दोपहर 2 बजे सत्र की शुरुआत करने आए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने अपना अभिभाषण मात्र 2 मिनट 1 सेकंड में ही समाप्त कर दिया. उन्होंने अभिभाषण के पैराग्राफ 3 से 16 को पढ़ने से साफ इनकार कर दिया.
राज्यपाल ने तर्क दिया कि इन पैराग्राफ्स में संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी की गई है, जो उचित नहीं है. इसके तुरंत बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2:45 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
'RDG हमारा हक, राजनीति न करे बीजेपी'
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि केंद्र द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) रोकने के मुद्दे पर बीजेपी राजनीति कर रही है. सीएम ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा, "RDG संविधान के तहत हिमाचल को मिलने वाला अधिकार है, जिसे कोई बंद नहीं कर सकता. यह मुद्दा प्रदेश के युवाओं, गरीबों और किसानों से जुड़ा है."
बीजेपी विधायकों को दी नसीहत
उन्होंने बीजेपी विधायकों को नसीहत दी कि वे जनहित के बारे में सोचें और राजनीति करने के बजाय राज्य सरकार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास चलकर मदद की मांग करें. सीएम ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल के अभिभाषण में भी यह बात थी कि पहले RDG पर चर्चा हो, उसके बाद अभिभाषण पर.
जयराम ठाकुर का पलटवार: परंपराएं तोड़ रही सरकार
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि केवल तीन दिनों की अधिसूचना से विधायकों में असमंजस है. जयराम ने आरोप लगाया कि सरकार परंपराओं के विपरीत जाकर राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन ही अन्य विधायी कार्य (RDG पर चर्चा) करवा रही है, जबकि नियमतः पहले अभिभाषण पर चर्चा होनी चाहिए.
उन्होंने कहा, "बजट कब पेश होगा, अनुदान मांगों पर चर्चा कब होगी और सत्र कब तक चलेगा, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है. यदि परंपराएं तोड़ी गईं, तो विपक्ष सदन में जोरदार विरोध करेगा."
RDG पर चर्चा का प्रस्ताव, हंगामे के आसार
अभिभाषण के तुरंत बाद सत्तापक्ष ने केंद्र द्वारा RDG रोके जाने के विरोध में नियम-102 के तहत चर्चा का प्रस्ताव रखा है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक तय मानी जा रही है. विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने टकराव टालने के लिए सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.
गौरतलब है कि चौदहवीं विधानसभा का यह ग्यारहवां सत्र है. फिलहाल सत्र 16, 17 और 18 फरवरी के लिए निर्धारित है, जिसे जरूरत पड़ने पर आगे बढ़ाया जा सकता है.
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Source: IOCL




























