AAP देशभर में E20 के खिलाफ करेगी जनअभियान, केंद्र को दी चेतावनी
Shimla News: प्रदेश प्रभारी ऋतुराज गोविंद झा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव और व्यावसायिक समझौतों को पूरा करने के लिए भारत सरकार देशवासियों पर जबरन E-20 ईंधन थोप रही है.

आम आदमी पार्टी (AAP) ने देशभर में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित (E20) पेट्रोल के खिलाफ 8 अगस्त से राष्ट्रव्यापी टाउन हॉल अभियान शुरू किया है. पार्टी का आरोप है कि E20 ईंधन से गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं और माइलेज घट रहा है.
इसी अभियान के तहत राजधानी शिमला के कालीबाड़ी में सोमवार को आम आदमी पार्टी द्वारा टाउन हॉल अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें AAP के हिमाचल प्रदेश प्रभारी ऋतुराज गोविंद झा शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना भी साधा.
पीएम मोदी पर साधा निशाना
प्रदेश प्रभारी ऋतुराज गोविंद झा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव और व्यावसायिक समझौतों को पूरा करने के लिए भारत सरकार देशवासियों पर जबरन E-20 ईंधन थोप रही है. अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा इथेनॉल उत्पाद करने वाला देश है. न जाने कौन सी मजबूरी है. कौनसी कमजोर नस ट्रंप ने पीएम मोदी का दबा रखा है कि उसके आगे उनकी नहीं चल रही."
30 करोड़ से अधिक गाड़ियों को होगा नुकसान
उन्होंने आगे दावा करते हुए कहा, "देश की जनता पर जबरदस्ती E-20 थोपी जा रही है, जिससे 30 करोड़ से अधिक गाड़ियों का कबाड़ा होने जा रही है. भारी मात्रा में इथेनॉल का आयात कर इसे जबरन भारतीय नागरिकों की गाड़ियों में डाला जा रहा है, जिससे गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं, माइलेज गिर रही है और जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है." उन्होंने कहा कि लोगों की गाड़ियों का कबाड़ा बंद करो और AAP इसके खिलाफ लोगों के लिए सरकार पर दबाव बनाएगी कि E-20 को न थोपा जाए.
देशभर में आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने कहा कि E-20 नीति के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन केवल शिमला तक सीमित नहीं है. पार्टी देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में लगातार टाउन हॉल मीटिंग आयोजित कर जनता को जागरूक कर रही है. आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस जनविरोधी नीति को वापस नहीं लिया या विकल्प नहीं दिए, तो इस टाउन हॉल आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि हिमाचल में संगठन विस्तार किया जा रहा है. आप सभी 68 विधानसभा सीटों पर आने वाले चुनावों में लड़ेगी. प्रदेश में दोनों ही दलों से लोग दुःखी हो चुके हैं और तीसरे विकल्प कि तलाश कर रहे हैं.























