करनाल: धान घोटाले में पूर्व DFSC समेत 4 अफसर गिरफ्तार, फर्जी गेट पास का खेल उजागर
Karnal News: करनाल में करोड़ों के फर्जी धान घोटाले में पुलिस ने पूर्व डीएफएससी, मंडी सचिवों सहित 4 बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. अब तक 25 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं.

हरियाणा के करनाल में करोड़ों रुपये के फर्जी धान घोटाले और गेट पास मामले में पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया है. पुलिस ने देर रात ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पूर्व डीएफएससी (DFSC) और मंडी सचिवों समेत चार बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार किया है.
इस 'मंडी महाघोटाले' में अब तक कुल 25 अधिकारियों, कर्मचारियों, राइस मिलर्स और आढ़तियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है.
इन बड़े चेहरों की हुई गिरफ्तारी
डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तत्कालीन डीएफएससी (जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक) अनिल कुमार, करनाल मंडी की पूर्व सचिव आशा रानी, जुंडला मंडी सचिव दीपक और असंध के तत्कालीन सचिव कृष्ण धनखड़ शामिल हैं.
- अनिल कुमार (पूर्व DFSC): मंडी में खरीद के दौरान कमीशन लेने के आरोप में गिरफ्तार. उन्हें 1 दिन के रिमांड पर लिया गया है.
- आशा रानी और दीपक: जुंडला मंडी में दर्ज शिकायत के आधार पर गिरफ्तार. दोनों को 2 दिन के रिमांड पर भेजा गया है. आशा रानी पहले भी एक मामले में जमानत पर चल रही थीं.
- कृष्ण धनखड़ (असंध सचिव): 3 दिन के पुलिस रिमांड पर हैं.
ऐसे होता था 'कागजी' धान का खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल में सेंधमारी कर करोड़ों का वारा-न्यारा किया. जिन किसानों के पास कम जमीन थी, उनके नाम पर ज्यादा जमीन दिखाई गई. जिनके पास जमीन नहीं थी, उनके नाम पर भी गेट पास काटे गए. कागजों में ही धान की खरीद दिखाई गई और उसे मिलों तक पहुंचा दिया गया. इस फर्जीवाड़े के गैप को भरने के लिए यूपी और दिल्ली जैसे राज्यों से सस्ते दामों पर धान खरीदकर सरकारी स्टॉक में दिखाया गया.
SIT कर रही है गहन जांच
एसपी के निर्देश पर डीएसपी राजीव कुमार और एडिशनल एसपी कांची के नेतृत्व में दो विशेष जांच दल (SIT) मामले की तह तक जा रहे हैं. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े कई और रसूखदारों की गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
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