Haryana: सिरसा में मूसलाधार बारिश से शहर जलमग्न, जिला प्रशासन पर लगे लापवाही के आरोप
Haryana News: सिरसा में मूसलाधार बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया. घरों, दुकानों और बाजारों में पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई. लोग प्रशासन के विकास कार्यों पर सवाल उठा रहे हैं.

सिरसा में देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की स्थिति बद से बदतर कर दी है. नोहरिया बाजार, सूरतगढ़िया चौक, शिव चौक, जनता भवन रोड, वाल्मीकि चौक, हिसारिया बाजार और बी ब्लॉक सहित कई इलाकों में पानी भर गया. हालात इतने खराब हैं कि लोगों के घरों, दुकानों और बेसमेंट तक में पानी घुस गया है. जिसे निकालने के लिए लोग पंप सेट और बाल्टियों का सहारा ले रहे हैं. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप लगाया है.
उनका कहना है कि शहर की सड़कों को स्टॉर्म वाटर निकासी परियोजना के तहत खोदा गया था, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया. नतीजतन जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं, जिससे जलभराव की समस्या और बढ़ गई है. लोगों का कहना है कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि धरातल पर स्थिति बेहद खराब है.
स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानियां
धर्मपाल नामक एक निवासी ने बताया कि वह सामान लेने बाजार आए थे, लेकिन जलभराव के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी. उन्होंने कहा कि शहर में जगह-जगह गड्ढे और पानी भरा हुआ है, लेकिन कोई अधिकारी स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहा. वहीं दुकानदार रवि सेठी ने बताया कि जलभराव के कारण बाजार में दो से तीन फीट तक पानी जमा है, जिससे दुकानें खोलना मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा कि बाजार के अधिकांश हिस्से बंद हैं और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.
सिरसा में ई-रिक्शा चालक ने भी अपनी परेशानी जताई. उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण सवारी मिलना मुश्किल हो गया है और उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है. वहीं, कीर्ति नगर निवासी नरेश सैनी ने बताया कि उनके घर में पानी भर गया है और कीर्ति नगर पूरी तरह से पानी में डूबा हुआ है. उन्होंने नगर परिषद और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल राहत कार्य की मांग की.
जनता ने प्रशासन पर उठाएं सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन इससे सबक नहीं लेता. गड्ढों से भरी सड़कों और निकासी की खराब व्यवस्था ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया है. लोग मांग कर रहे हैं कि अधूरे पड़े विकास कार्यों को तुरंत पूरा किया जाए और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए.
Source: IOCL




















