गुरुग्राम में फर्जी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के नाम पर करोड़ों की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार
Gurugram News In Hindi: आरोपियों ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के गुरु धीरेंद्र ब्रह्मचारी के आश्रम की जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया था. प्रोजेक्ट के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है.

हरियाणा के गुरुग्राम में फर्जी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के नाम पर धोखाधड़ी करने के जुर्म में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है. इन दोनों आरोपियो ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के गुरु धीरेंद्र ब्रह्मचारी के अर्पणा आश्रम की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने की वारदात को अंजाम दिया था.
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि 15 अप्रैल को एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि सीकेसी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर अशोक चौधरी व चंद्रकांत चौधरी तथा इनके अन्य साथियों द्वारा अपर्णा आश्रम सिलोखरा, गुरुग्राम व वैशाली में कथित रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश के नाम पर झूठे दस्तावेज व सेलिंग राइट्स के झूठे आश्वासन देकर उसे विश्वास में लिया गया. इतना ही नही अलग-अलग समय पर निवेश कराया गया.
गुरुग्राम में अवैध निर्माण को लेकर HSVP सख्त, चलाया जाएगा अतिक्रमण हटाओ अभियान
भुगतान के बाद नहीं कराया कोई वैध एग्रीमेंट
भुगतान के बावजूद न तो कोई वैध एग्रीमेंट किया गया, न परियोजना पर कोई कार्य शुरू किया गया और न ही समझौते के अनुसार सेलिंग राइट्स दिए गए. बाद में शिकायतकर्ता को जानकारी मिली कि संबंधित भूमि विवादित है तथा सरकारी कब्जे में है. इस पर गुरुग्राम पुलिस ने थाना सेक्टर 40 में केस दर्ज किया और जांच अपराध शाखा वन को सौंप दी.
क्राइम ब्रांच ने दो आरोपी किए गिरफ्तार
अपराध शाखा एक की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियो को गिरफ्तार किया है. आरोपियो की पहचान अशोक चौधरी (उम्र-60 वर्ष) निवासी गौतम नगर, दिल्ली व चंद्रकांत चौधरी (उम्र-40 वर्ष) निवासी बृज विहार जिला गाजियाबाद (उत्तर-प्रदेश) के रूप में हुई है.
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी सीकेसी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर हैं. दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से फर्जी रियल एस्टेट परियोजनाओं के नाम पर शिकायतकर्ता को झांसा दिया तथा उससे निवेश के रूप में करोड़ों रुपये प्राप्त किए.
निवेश के नाम पर प्राप्त किए 4 करोड़
आरोपियों द्वारा अपर्णा आश्रम की जमीन पर परियोजना के नाम पर लगभग एक करोड़ रुपये तथा वैशाली (नोएडा) स्थित परियोजना में निवेश के नाम पर लगभग चार करोड़ 50 लाख रुपये प्राप्त किए गए.
प्राप्त राशि में से लगभग एक करोड़ रुपये सीकेसी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए गए, जिसे बाद में आरोपियों द्वारा आपस में बांट लिया गया. आरोपियों ने राशि प्राप्त कर न तो समझौते के अनुसार सेलिंग राइट्स दिए और न ही कोई वैध कार्यवाही की, बल्कि शिकायतकर्ता के साथ धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया. गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियो को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है. रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियो के अन्य साथियों के बारे में पूछताछ करेगी.
'मुझे किसी ने नहीं समझा, काश समझ पाते', सुसाइड से पहले महिला ने की सोशल मीडिया पोस्ट
























