'...तो घोषणापत्र में क्यों किया शामिल', आर्टिकल 370 को लेकर उमर अब्दुल्ला सरकार पर बरसीं महबूबा मुफ्ती
Jamma Kashmir Politics: महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अगर एनसी मानती है कि आर्टिकल 370 को बहाल नहीं किया जा सकता, तो पार्टी को यह बताना चाहिए कि इसे चुनावी घोषणापत्र में क्यों शामिल किया गया था.

जम्मू कश्मीर में इन दिनों सियासत गर्म है. इस बीच बुधवार (22 जुलाई) को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में युवाओं के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों की तारीफ की. साथ ही उन्होंने सत्ताधारी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि अगर आर्टिकल 370 को बहाल नहीं किया जा सकता, तो घोषणापत्र में इसका वादा क्यों किया गया.
दरअसल, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए महबूबा ने सवाल किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास मजबूत चुनावी जनादेश होने के बावजूद वह पीडीपी को निशाना क्यों बनाती रही है.
'पीडीपी को क्यों बना रहे निशाना'
उन्होंने आगे कहा, "उनके पास 50 विधायक और मुख्यमंत्री का पद है. मुझे नहीं पता कि उनका ध्यान पीडीपी पर क्यों बना हुआ है. वे बस यह दिखाना चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा सिर्फ राज्य का दर्जा बहाल करने तक ही सीमित है."
पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक और राजनीतिक मुद्दों पर एक संयुक्त राजनीतिक रणनीति बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का सुझाव दिया था, लेकिन दावा किया कि ऐसी कोई पहल नहीं की गई.
आर्टिकल 370 पर सरकार को घेरा
महबूबा मुफ्ती ने आर्टिकल 370 पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के रुख पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी अब मानती है कि इस प्रावधान को बहाल नहीं किया जा सकता, तो उसे यह बताना चाहिए कि इसे अपने चुनावी घोषणापत्र में क्यों शामिल किया गया था. उन्होंने पूछा, "अगर वे कहते हैं कि आर्टिकल 370 को वापस नहीं लाया जा सकता, तो इसे उनके घोषणापत्र में क्यों शामिल किया गया था?"
'राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग काफी नहीं'
पीडीपी के रुख को दोहराते हुए महबूबा ने कहा कि सिर्फ राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग काफी नहीं है. उन्होंने कहा कि आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35A समेत संवैधानिक अधिकारों की बहाली भी जम्मू-कश्मीर पर व्यापक राजनीतिक चर्चा का हिस्सा होनी चाहिए.
'युवाओं ने लोकतंत्र की असली भावना को दिखाया'
इससे पहले उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी ने मुश्किल हालात के बावजूद डर पर काबू पाकर और अपनी आवाज़ उठाकर लोकतंत्र की असली भावना का प्रदर्शन किया है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा कि वह मौजूदा आंदोलन के दौरान हिम्मत दिखाने के लिए 'जेन जी' (Gen Z) पीढ़ी को सलाम करती हैं.
'मैं GenZ को सलाम करती हूं'
पूर्व सीएम मुफ्ती ने कहा, "मैं जेनजी को सलाम करती हूं. इस चिलचिलाती गर्मी में, इन युवाओं ने दिखाया है कि असली लोकतंत्र कैसा होता है. जो काम हम नहीं कर सके, जिस डर पर हम काबू नहीं पा सके, इन युवाओं ने हमें दिखाया है कि हमें डरना नहीं चाहिए."























