Sanjay Singh: संजय सिंह को किस अनहोनी की है आशंका, अदालत में पेशी के समय क्यों कहा- 'केजरीवाल की सिर्फ गिरफ्तारी नहीं...'
Sanjay Singh Statement: आप नेता संजय सिंह का बयान पब्लिक डोमेन में आने के बाद से दिल्ली के सियासी गलियारों में चर्चा चरम पर है आखिर सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ क्या होने वाला है?

Delhi News: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद 4 अक्टूबर के बाद से जेल में हैं. एक दिन पहले वह राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी पर आये थे. अदालत में दिल्ली आबकारी नीति मामले में पेशी के बाद मीडिया के सवालों के जवाब में एक बयान देकर उन्होंने सनसनी मचा दी. उन्होंने कोर्ट से बाहर निकलते वक्त मीडिया के सामने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि "केजरीवाल जी को फंसाने की बहुत बड़ी साजिश है. उनकी सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, केजरीवाल के साथ बड़ी घटना को अंजाम देने वाले हैं ये लोग".
आप नेता संजय सिंह के इस बयान के बाद से दिल्ली के सियासी गलियारों में चर्चा चरम पर है कि आखिर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ क्या होने वाला है? क्या अरविंद केजरीवाल के साथ गिरफ्तारी के अलावा भी कुछ हो सकता है. संजय ने इस बात का खुलासा क्यों नहीं किया कि उनके खिलाफ क्या होने वाला है? सवाल यह भी है कि संजय जिस बात की आशंका जता रहे हैं, उसके बारे में उन्हें जानकारी है. अगर है, तो उन्होंने मीडिया को बताया क्यों नहीं?
2 नवंबर को जांच में शामिल नहीं हो पाये थे CM
दरअसल, दिल्ली आबकारी नीति मामले में सीबीआई और ईडी दोनों ने अपने-अपने चार्जशीट में दावा किया शराब घोटाला मामले से सीएम भी जुड़े हो सकते हैं. ईडी ने हाल ही में समन जारी कर आप नेता केजरीवाल को दफ्तर में पूछताछ के लिए दो नवंबर को पेश होने को कहा था. उस दिन केजरीवाल ने एमपी विधानसभा चुनाव में व्यस्त कार्यक्रमों का हवाला देते हुए, पूछताछ में शामिल होने में असमर्थता जताई थी. उसके बाद से ही इस बात को लेकर कयासबाजी का दौर जारी है कि बहुत जल्द सीएम को भी जांच एजेंसियां इस मामले में गिरफ्तार करने की तैयारी में है.
बढ़ती लोकप्रियता के बीच खतरे की आशंका क्यों?
बता दें कि आम आदमी पार्टी अपने अस्तित्व में आने के समय से ही एक बाद एक विवादों में रही है. इसके बावजूद दिल्ली की जनता ने आप को तीन-तीन बार विधानसभा चुनावों में आप की दिल्ली में सरकार बनाई है. एक साल पहले तो एमसीडी चुनाव में भी आप अपने दम पर सरकार बनाने में सफल हुई. उसके बाद पंजाब में भी आप की सरकार बनी. गोवा चुनाव में भी पार्टी के विधायक जीते. गुजरात विधानसभा चुनाव में आप के पांच प्रत्याशी विधानसभा पहुंचने में सफल रहे थे. करीब 13 प्रतिशत लोगों ने आप का समर्थन किया था. यानी सीएम अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता में तेजी से इजाफा हुआ है. इसके बावजूद उनको खतरा किससे हो सकता है.
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