'तो भागा कौन?', अमित शाह से चर्चा के मुद्दे पर स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर हमला
राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने सदन में अमित शाह के चर्चा न करने वाले मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है. इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है.

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री स्मृति ईरानी ने संसद में गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के मुद्दे पर टिप्पणी की है. स्मृति ईरानी ने अमित शाह के सदन में चर्चा न करने वाले सवाल पर कहा, "देश के संसदीय मंत्री ने कहा था कि हम हर मुद्दे पर बातचीत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन क्या तब भी सदन चलने दिया. जब देश के गृहमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर जवाब दिया कि वो चर्चा के लिए तैयार हैं तब कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी ने चर्चा की. ऐसे में तो भागा कौन?"
वहीं झारखंड में हुए जेपीएससी को लेकर छात्रों के प्रदर्शन पर राहुल गांधी से सवाल पूछा है कि क्या राहुल गांधी झारखंड गए? क्या वे केरल गए, क्या वे पंजाब गए या फिर जो जंतर-मंतर पर थे वे झारखंड, पंजाब और केरल गए? क्या उन लोगों ने जंतर-मंतर के बाद इन राज्यों में इस्तीफा मांगा.
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दूसरी तरफ स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर एक विभाजित विपक्ष देखा गया. राष्ट्रीय महासचिव का यह भी कहना है कि जंतर-मंतर पर सिर्फ छात्रों का जमावड़ा होता तो राहुल गांधी वहां जरूर जाते." इसके अलावा भी स्मृति ईरानी ने कई आरोप मढ़े हैं.
स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा हमला?
राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी वहां क्यों नहीं गए, क्योंकि उन्होंने वहां अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को देखा. या जो लोग जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए थे वे आम आदमी पार्टी में पद पर रह चुके थे.
स्मृति ईरानी का आरोप है, "राहुल गांधी को आम आदमी पार्टी से परहेज था इसलिए वह जंतर-मंतर पर नहीं गए. इसका मतलब राहुल गांधी खुद स्वीकार कर रहे हैं कि जंतर-मंतर पर एक राजनीतिक तंत्र के प्रतिनिधि बैठे हुए थे."
राहुल गांधी-सीएम सोरेन का पुतला जलाए जाने पर स्मृति ईरानी
स्मृति ईरानी ने झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों राहुल गांधी और हेमंत सोरेन के पुतले जलाए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी है. ईरानी का कहना है, "क्या राहुल गांधी ने झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया? नहीं। तो क्या यह राहुल गांधी की सेलेक्टिव पॉलिटिक्स है? क्या पंजाब या केरल में कभी इस तरह इस्तीफे की मांग उठाई गई?"
स्मृति ईरानी ने बताया कि नई शिक्षा नीति जब बनाई गई थी उसको बनाने में मेरा भी योगदान था. उस समय क्या एक बार भी आकर शिक्षा की नीति कैसे सुदृढ़ हो उसमें राहुल गांधी ने योगदान दिया? जब राहुल गांधी अमेठी से सांसद थे, तब स्कूलों में बच्चे ज़मीन पर बैठकर पढ़ाई करते थे। मोदी-योगी सरकार ने ही मेज-कुर्सी उपलब्ध कराने का जिम्मा उठाया था।"
गांधी पर स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया है कि अमेठी में मेडिकल कॉलेज नहीं खुला था. गांधी परिवार ने मेडिकल कॉलेज के नाम पर सरकारी जमीन ली थी. उस पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज तो नहीं बनाया. वहां मेडिकल कॉलेज मोदी सरकार ने बनाया.
उन्होंने कहा कि अमेठी का पहले केंद्रीय विद्यालय मोदी सरकार ने खोला है. जो अपने क्षेत्र में स्कूल नहीं खोल पाए, विकास नहीं कर पाए और राष्ट्रीय स्तर पर टिप्पणी कर रहे हैं, लेकिन मैं दोबारा पूछती हूं कि जब संसद में बिल पेश हो रहा था तो क्या नेता प्रतिपक्ष ने जाकर उस बिल में योगदान देने का प्रयास किया. इन मुद्दों को लेकर बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी परा जमकर निशाना साधा.























