'एक भी पिलर नहीं, हर बिल्डिंग में पानी...' सत्य निकेतन हादसे पर चश्मदीद ने खोले राज
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में चश्मदीद ने कई बड़े खुलासे किए हैं. चश्मदीद ने बताया कि यहां पर 30-40 बच्चे दबे हो सकते हैं. साथ ही बेसमेंट में भी काम चल रहा था. कई बिल्डिंग के बेसमेंट में पानी भरा है.

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी की बिल्डिंग ढह गई है. अब घटना के बाद तमाम खुलासे हो रहे हैं. घटना के चश्मदीद के मुताबिक इलाके में भी हालात बहुत खराब हैं. चश्मदीद ने बताया कि ज्यादा बिल्डिंग्स में पानी भरा मिलेगा. यहां पर एक भी पिलर नहीं है. एमसीडी का नोटिस भी आ चुका है.
चश्मदीद ने यह भी बताया कि ये पीजी बन चुका था. इसमें 4-5 दुकानें थीं जो गोडाउन के लिए इस्तेमाल हो रही थीं. उसने यह भी बताया कि ये बंसल सर की ही बिल्डिंग है. इन्होंने इस पर केस जीता था. कोर्ट के जजमेंट के बाद इनको बिल्डिंग मिली थी. साथ ही उसने कहा कि बगल वाली बिल्डिंग में भी पिलर नहीं होगी. यहां एक फ्लोर पर 4-5 कमरे हैं.
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मलबे में हो सकते हैं 30-40 बच्चे
चश्मदीद ने बताया कि यहां पर 30-40 बच्चे दबे हो सकते हैं. साथ ही बेसमेंट में भी काम चल रहा था. ये बेसमेंट को और बढ़ा रहे थे. हर जगह खाने का काम हो रहा था. आपको हर घर में पानी भरा मिलेगा. चश्मदीद का कहना है कि मंदिर के सामने एक पुरानी बिल्डिंग थी जिसे पीजी के रूप में चलाया जा रहा था.
हाल ही में इसके बैसमेंट में काम चल रहा था. बारिश होने की वजह से बेसमेंट में पानी भर गया, जिससे पूरी बिल्डिंग ढह गई. यह करीब 1 बजे के आसपास की बात है. मंदिर के सामने खुली जगह थी, लेकिन बिल्डिंग पुरानी होने और पांच-छह मंजिलों की होने के कारण ढह गई. चूंकि आमतौर पर एक कमरे में कम से कम दो छात्र होते हैं, मेरा अनुमान है कि वहां कम से कम 30-40 छात्र रहे होंगे.
बिल्डिंग में नहीं थे खंभे- चश्मदीद
चश्मदीद ने यह भी बताया कि इसके सामने वाली बिल्डिंग में भी खंभे नहीं हैं. इस बिल्डिंग की बात करें तो, इसमें खंभे इसलिए नहीं थे, क्योंकि यह एक पुरानी बिल्डिंग थी. इसका निर्माण मूल रूप से तब हुआ था जब सत्य निकेतन कॉलोनी की स्थापना हुई थी. मैं निश्चित रूप से नहीं कह सकता कि खुदाई हो रही थी या नहीं, लेकिन यह पुष्टि हो चुकी है कि बेसमेंट में काम चल रहा था. यहां पर सभी बिल्डिंग्स में बेसमेंट मौजूद है और सभी बिल्डिंग्स में पानी होता है. यह लोग पंप के जरिए पानी बाहर निकालते हैं.
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