दिल्ली के रामलीला मैदान में अभ्यर्थियों का 'क्रांति मार्च', SSC परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
Delhi News: रामलीला मैदान में SSC अभ्यर्थियों और शिक्षकों का दो दिवसीय क्रांति मार्च आयोजित किया जाएगा. अभ्यर्थी और शिक्षक इस मार्च में परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.

दिल्ली का रामलीला मैदान 24 और 25 अगस्त को देशभर से आए एसएससी के अभ्यर्थियों और शिक्षकों का केंद्र बनेगा. यहां एक दो दिवसीय क्रांति मार्च आयोजित किया जा रहा है. इस मार्च का आह्वान बीती शाम शिक्षक आदित्य रंजन ने एक वीडियो जारी कर किया.
इसमें उन्होंने सभी अभ्यर्थियों और शिक्षकों से एकजुट होकर अपनी आवाज उठाने की अपील की. मार्च में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों और शिक्षकों का कहना है कि SSC परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की सख्त जरूरत है. पिछले कुछ समय से आयोजित परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियों, तकनीकी समस्याओं और कुप्रबंधन की शिकायतें सामने आ रही हैं.
क्यों कर रहे हैं अभ्यर्थी और शिक्षक विरोध?
1. परीक्षा में व्यवधान और तकनीकी गड़बड़ी
कई बार परीक्षा शुरू होने के बाद अचानक रद्द कर दी गई. उम्मीदवार सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर परीक्षा केंद्र पहुंचे, लेकिन बिना परीक्षा दिए वापस लौटना पड़ा.
2. तकनीकी और प्रशासनिक असफलताएं
कंप्यूटर सर्वर क्रैश, बायोमेट्रिक सिस्टम का फेल होना और गलत परीक्षा केंद्र आवंटन जैसी गंभीर खामियां सामने आईं.
3. वेंडर (एजेंसी) विवाद
परीक्षा आयोजन के लिए Eduquity नाम की एजेंसी को चुना गया. अभ्यर्थियों और शिक्षकों का आरोप है कि यह एजेंसी पहले से विवादों में रही है और ब्लैकलिस्टेड भी रह चुकी है. इसकी क्षमता इतनी बड़ी भर्ती प्रक्रिया संभालने में नाकाफी साबित हुई है.
4. सामाजिक और प्रशासनिक व्यवहार संबंधी आरोप
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई हैं. कई अभ्यर्थियों ने कहा कि स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया.
प्रमुख मांगें क्या हैं?
1. वेंडर हटाओ – अभ्यर्थियों और शिक्षकों की पहली मांग है कि विवादित एजेंसी Eduquity को हटाया जाए और पारदर्शी तरीके से नई एजेंसी नियुक्त की जाए.
2. यात्रा और आवास खर्च की क्षतिपूर्ति – कई परीक्षाओं के रद्द होने से अभ्यर्थियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. उनकी मांग है कि इसका मुआवजा दिया जाए.
3. परीक्षा व्यवस्था में सुधार और संरचनात्मक सुधार – परीक्षा प्रक्रिया में स्थिरता, पारदर्शिता और तकनीकी खामियों को दूर किया जाए.
4. जवाबदेही और पारदर्शिता – परीक्षा प्रणाली में जिम्मेदारी तय हो और गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए.
यह आंदोलन सिर्फ एक परीक्षा की गड़बड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भर्ती सिस्टम की विश्वसनीयता और भविष्य की पीढ़ी के करियर से जुड़ा सवाल बन चुका है.
रामलीला मैदान का यह अगस्त क्रांति प्रदर्शन आने वाले समय में SSC और सरकार पर दबाव बनाएगा कि वह अभ्यर्थियों की आवाज सुने और परीक्षा प्रणाली को मजबूत और भरोसेमंद बनाए.
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Source: IOCL























