एक्सप्लोरर

'हम विश्वगुरु नहीं हैं...भारत कभी विश्वगुरु था', BJP नेता मुरली मनोहर जोशी ने क्यों कहा ऐसा?

Delhi News In Hindi: बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि परमाणु बम का विस्फोट करने वाले वैज्ञानिक ओपन हाइमर ने जब विस्फोट को देखा तो उनके मुंह से सबसे पहले गीता का श्लोक निकला.

बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने एक ऐसा बयान दिया है जो चर्चा का विषय बना हुआ है. संस्कृत भारती के कार्यालय के उद्घाटन में मुरली मनोहर जोशी से सवाल किया गया कि देश विश्वगरु है, एआई को लेकर भी बड़ा हव बन चुका है तो भाषा को लेकर क्या भूमिका है. भारत आज एक 'विश्वगुरु' है के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि 'विश्व गुरु' शब्द हमें नहीं बोलना चाहिए. हम विश्व गुरु नहीं हैं. 

उन्होंने कहा कि 'विश्व गुरु' हम कभी थे. उन्होंने आगे कहा कि 'विश्व गुरु' होना चाहिए. मगर आज हम विश्व गुरु हैं ऐसा नहीं है. लेकिन संस्कृत उस दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है. क्योंकि अभी नासा के लोग बार-बार कहते हैं कि संस्कृत संप्रेषण की सबसे महत्वपूर्ण भाषा है. 

दिल्ली के पंचकुइयां में दिनदहाड़े शख्स की गला रेतकर हत्या, परिवार का पड़ोसी पर मर्डर का आरोप

'संस्कृत को विश्व संप्रेषण की भाषा जल्द से जल्दी बनाया जाए'

पूर्व मंत्री ने कहा कि मैं यह समझता हूं कि भारत की अभूतपूर्व देन होगी अगर हम संस्कृत को विश्व संप्रेषण की भाषा जल्द से जल्दी बनाया जाए. क्योंकि इसी भाषा में वो शक्ति है जो बहुत बड़े ज्ञान के समुंद्र को एक सीपी में बंद कर सकती है.

देश के युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि वह संस्कृत सीखें. संस्कृत में भाषण करना सीखें, लिखना सीखें और संस्कृत साहित्य को पढ़ें और संस्कृत में जो ज्ञान है जो पढ़ें. उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के सभी महत्वपूर्ण लोगों ने इस बात को कहा है.  

मुरली मनोहर जोशी ने संस्कृत पर बात करते हुए कहा कि परमाणु बम का विस्फोट करने वाले वैज्ञानिक ओपन हाइमर ने जब विस्फोट को देखा तो उसके मुंह से सबसे पहले गीता का वह श्लोक निकला जिसमें भगवान कृष्ण के विराट रूप का दर्शन हो. उसने यह कहा कि विस्फोट देखकर मुझे विराट रूप का दर्शन हो गया. 

पूर्व मंत्री ने आगे कहा कि इसलिए संस्कृत को बहुत सारे विद्वानों और वैज्ञानिकों ने पढ़ा है. उसके ज्ञान और सामर्थ्य को भी देखा है. मैं ऐसा समझता हूं कि भारतवासी जितनी अधिक मात्रा में और जितनी जल्दी से जल्दी संस्कृत के ज्ञान का धारण करें और उसको अपने जीवन में लाए. इससे भारत का उद्धार होगा. विश्व के लिए भी यह बहुत महत्वपूर्ण योगदान है. 

संस्कृत को अनिवार्य करने के सवाल पर क्या कहा?

सभी राज्यों में संस्कृत को अनिवार्य करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैंने एक बैठक में कहा था कि संस्कृत अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाई जानी चाहिए, लेकिन वह राज्यों ने स्वीकार नहीं किया. मगर उत्तराखंड ने संस्कृत को राजकीय भाषा बनाया लेकिन संस्कृत के लिए वहां भी कोई काम नहीं हुआ. 

आजकल शायद एक विचार यह है कि दुनिया में जो कुछ व्यापार, शिक्षा है वह सब अंग्रेजी में है. इसलिए लोगों का ध्यान उधर है. यह एक विडंबना है. इस पर हमें विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम अपने ज्ञान का दान और संरक्षण कर सकें.

Delhi Weather: दिल्ली-NCR में गर्मी से हाल होगा बेहाल! 40 डिग्री तक जा सकता है तापमान, जानें IMD का अपडेट

फियाज उल मुस्तफा उत्तर प्रदेश के रामपुर से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पीजी टीवी जर्नलिज्म किया है, जबकि रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है. फियाज उल मुस्तफा को राजनीतिक और एंटरटेनमेंट बीट्स पर काम करने का अनुभव है. वर्तमान में वे एबीपी न्यूज की डिजिटल टीम का हिस्सा हैं, जहां वे देश के विभिन्न राज्यों से जुड़ी अपराध और राजनीतिक खबरें लिखते और एडिट करते हैं. इस दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कॉपी एडिटिंग और न्यूजरूम ऑपरेशन्स का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो रहा है. वे खबरों को सरल, साफ और तथ्य के साथ लोगों तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं. रामपुर के छोटे से गांव से निकलकर फियाज ने अपनी अलग खास पहचान बनाई है, वह न्यूज रूम में अपनी शानदार छवि को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

दिल्ली में दबोचे गए राजस्थान के 3 कुख्यात डकैत, पुलिस की वर्दी पहनकर कारोबारी के घर डाला था डाका
दिल्ली में दबोचे गए राजस्थान के 3 कुख्यात डकैत, पुलिस की वर्दी पहनकर कारोबारी के घर डाला था डाका
Monsoon Update: दिल्ली में मानसून में आएगी तेजी, 11 जून से झमाझम बारिश के आसार, येलो अलर्ट जारी
दिल्ली में मानसून में आएगी तेजी, 11 जून से झमाझम बारिश के आसार, येलो अलर्ट जारी
UAPA केस में साढे 4 साल से जेल में बंद खुर्रम परवेज को मिली जमानत, ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द
UAPA केस में साढे 4 साल से जेल में बंद खुर्रम परवेज को मिली जमानत, ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द
Delhi News: न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में ट्रैफिक पुलिसकर्मी को कुचलने की कोशिश, कार चालक फरार
दिल्ली: न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में ट्रैफिक पुलिसकर्मी को कुचलने की कोशिश, कार चालक फरार
Advertisement

वीडियोज

SHOCKING! नीले ड्रम में बंद होने का था डर, इसलिए कर दिया...! ABPLIVE
Xi Jinping North Korea visit 2026: किम जोंग उन पर शी जिनपिंग ने क्यों डाले डोरे? ABPLIVE
US Iran War: 2 हफ्ते में ईरान पर जीत, धड़ाम होंगे तेल के दाम! जंग के बीच ट्रंप का बड़ा ऐलान !
बॉलीवुड न्यूज़: आलिया भट्ट ने 'Alpha' के धांसू टीज़र में अपने खतरनाक एक्शन अवतार से उड़ाए होश
125cc Scooter Battle: Burgman vs Avenis vs Ntorq | कौन है असली King? #burgmanstreet #autolive
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दिल के खुश रखने को गालिब....कांग्रेस ने शेयर किया नेहरू-मोदी का कार्टून; 12 साल पूरे होने पर कसा तंज
दिल के खुश रखने को गालिब....कांग्रेस ने शेयर किया नेहरू-मोदी का कार्टून; 12 साल पूरे होने पर कसा तंज
UP चुनाव 2027 में किस आधार पर मिलेगा टिकट? BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दिया ये जवाब
UP चुनाव 2027 में किस आधार पर मिलेगा टिकट? BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दिया ये जवाब
वो सिर्फ बातें करते हैं, काम नहीं... ईरान को लेकर ट्रंप का बयान, US प्रेसीडेंट ने अल्लाह को किस बात का कहा शुक्रिया
वो सिर्फ बातें करते हैं, काम नहीं... ईरान को लेकर बोले ट्रंप, अल्लाह को किस बात का किया शुक्रिया
IND vs ENG: 12 गेंद में चाहिए थे 38 रन, भारत ने इंग्लैंड के जबड़े से छीन ली थी जीत; फिर लास्ट तीन गेंद में मिली हार
12 गेंद में चाहिए थे 38 रन, भारत ने इंग्लैंड के जबड़े से छीन ली थी जीत; फिर लास्ट तीन गेंद में मिली हार
रवीना टंडन ने अक्षय कुमार का हाथ पकड़े शेयर की फोटो, दिखाई 'वेलकम टू द जंगल' के सेट की झलक
रवीना टंडन ने अक्षय कुमार का हाथ पकड़े शेयर की फोटो, दिखाई 'वेलकम टू द जंगल' के सेट की झलक
अगर समझौता नहीं हुआ तो जोरदार हमला किया..., आखिर क्यों आगबबूला हुए ट्रंप? ईरान को फिर दी धमकी
अगर समझौता नहीं हुआ तो जोरदार हमला किया..., आखिर क्यों आगबबूला हुए ट्रंप? ईरान को फिर दी धमकी
Explained: भारत में सत्ता से हटते ही पार्टी की एकजुटता मुश्किल क्यों, कैसे सत्ताधारी दल की अरदली बन जाती छोटी पार्टियां?
सत्ता से हटते ही पार्टी की एकजुटता कठिन क्यों, कैसे सत्ताधारी दल की अरदली बनती छोटी पार्टियां?
IAS बनना है तो आज ही फॉलो करें दिव्यकीर्ति सर की ये 3 बातें, आपको नहीं रोक पाएगी कोई भी ताकत
IAS बनना है तो आज ही फॉलो करें दिव्यकीर्ति सर की ये 3 बातें, आपको नहीं रोक पाएगी कोई भी ताकत
Embed widget