दिल्ली आबकारी नीति मामले में बरी होने के बाद मनीष सिसोदिया की पहली प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा?
Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली शराब नीति से जुड़े सीबीआई केस में मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिल गई है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है.

दिल्ली आबकारी नीति मामले में कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है. इस फैसले के बाद आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज गर्व हो रहा है, क्योंकि आज सत्य की जीत हुई है.
मनीष सिसोदिया ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "सत्यमेव जयते. आज एक बार फिर बाबा साहेब अम्बेडकर जी की दूरदर्शी सोच और उनके बनाए संविधान पर फख्र महसूस हो रहा है. मोदी जी की पूरी पार्टी और सारी एजेंसियों की हमें बेईमान साबित करने की तमाम कोशिशों के बावजूद आज साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल - मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं."
वहीं कोर्ट के इस फैसले पर आम आदमी पार्टी की तरफ से कहा गया, "सत्य अमर है, सत्य अमिट है. आज कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत तमाम आप नेताओं को फर्जी शराब घोटाले में पाक साफ करार देकर BJP के झूठ पर सदा के लिए ताला लगा दिया है.
आप की तरफ से आगे लिखा गया, "इस लड़ाई में हमारा साथ देने वाले करोड़ों देशवासियों का दिल से धन्यवाद. हम देश के लिए पूरी ईमानदारी से लड़ते आए हैं और लड़ते रहेंगे."
मैं भ्रष्ट नहीं हूं- केजरीवाल
वहीं कोर्ट से बरी होने पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं भ्रष्ट नहीं हूं. मैंने केवल अपनी जिंदगी में ईमानदारी कमाई है. उन्होंने झूठा केस लगाया और आज ये साबित हो गया. कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है. मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार है. आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से भारतीय जनता पार्टी शराब घोटाला-शराब घोटाला कर रही थी और हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी. आज कोर्ट ने सारे आरोप खारिज कर दिए. जितने भी आरोपी थे सबको बरी कर दिया.
सत्य की जीत हुई- केजरीवाल
केजरीवाल ने आगे कहा, "हम हमेशा कहते थे कि सत्य की जीत होती है. हमें भारतीय न्याय प्रणाली पर भरोसा है. मैं जज साहब का बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने हमारे साथ न्याय किया. सत्य की जीत हुई. मैं हमेशा कहता था कि भगवान हमारे साथ है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मिलकर आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा. आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए पार्टी के सबसे बड़े पांच नेताओं को जेल में डाल दिया गया."
























