'जब VIP को नहीं बचा सका सिस्टम तो...', दिल्ली AC ब्लास्ट में रिटायर्ड IAS की मौत पर भड़के पड़ोसी
Delhi AC Blast: हौज खास में एसी ब्लास्ट से पूर्व IAS धनेंद्र कुमार की मौत पर पड़ोसियों ने सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि जब VIP आदमी को सिस्टम समय पर नहीं बचा सकता तो आम जनता का क्या होगा?

दिल्ली के पॉश इलाके हौज खास में बुधवार रात करीब 11:10 बजे एक चौंकाने वाला हादसा हो गया. घर के ग्राउंड फ्लोर पर लगे एयर कंडीशनर (एसी) की इंडोर यूनिट में ब्लास्ट होने से भीषण आग लग गई. धुएं से दम घुटने के कारण 80 वर्षीय पूर्व IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे को गंभीर हालत में एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है.
धनेंद्र कुमार हरियाणा कैडर के 1967 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी थे. वे विश्व बैंक के पूर्व एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और देश के पहले भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) चेयरमैन रह चुके थे. हादसे के समय घर में अधिकारी, उनकी पत्नी, बेटा और स्टाफ समेत 5 लोग मौजूद थे. प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से एसी ब्लास्ट को आग का कारण बताया जा रहा है. इस घटना पर सबसे ज्यादा नाराजगी पड़ोसियों ने जताई है.
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'VIP को मदद मिलने में हो रही देर तो आम आदमी का क्या होगा?'
मृतक के ठीक सामने रहने वाली एक महिला पड़ोसी ने मीडिया से बात करते हुए फायर ब्रिगेड और पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “जब वीआईपी को 25 मिनट बाद मदद मिली, तो आम आदमी का क्या होगा?” महिला ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही उन्होंने और अन्य पड़ोसियों ने तुरंत मदद की कोशिश की. बार-बार फोन करने के बावजूद फायर ब्रिगेड को पहुंचने में 20-25 मिनट लग गए. कर्मचारी बहाने बना रहे थे कि लोकेशन नहीं मिल रही और गली पतली है, जबकि इलाके में ऐसी कोई समस्या नहीं है.
STORY | Delhi: Retired IAS officer dies in Hauz Khas house fire; AC blast suspected
— Press Trust of India (@PTI_News) May 29, 2026
An 80-year-old retired IAS officer died while his son sustained injuries after a fire broke out at a house in south Delhi's Hauz Khas area, police said on Thursday.
The deceased was identified… pic.twitter.com/pvbotYeQJt
पुलिस पहुंची थी खाली हाथ
पड़ोसी महिला ने आगे कहा, “अंकल इतने बड़े पद से रिटायर हुए थे, फिर भी उनकी मदद पहुंचने में इतना समय लगा. पुलिस स्टेशन 300 मीटर दूर है इसके बावजूद पुलिस खाली हाथ आई. हमें बार-बार कहने पर ही उन्होंने फायर एक्सटिंग्विशर लाकर मदद की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.” उन्होंने यह भी बताया कि पड़ोसी मिलकर आग बुझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन धुआं इतना घना था कि अंदर जाना मुश्किल हो रहा था. इस घटना ने दिल्ली में फायर ब्रिगेड की तैयारियों और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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