टेरर फंडिंग केस में सांसद इंजीनियर राशिद ने फिर खटखटाया दिल्ली HC का दरवाजा, ये है मांग
Engineer Rashid News: दिल्ली हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले ही इंजीनियर राशिद को संसद सत्र में शामिल होने की इजाजत दी थी, लेकिन इसके साथ ही एक शर्त लगा दी थी, राशिद यही शर्त हटवाने में जुटे हैं.

Engineer Rashid News: टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और तिहाड़ जेल में बंद बारामूला से नवनिर्वाचित सांसद इंजीनियर राशिद एक बार फिर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं. इस बार उनकी मांग संसद में जाने के खर्च से जुड़ी है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले ही उन्हें 26 मार्च से 4 अप्रैल तक संसद सत्र में शामिल होने की इजाजत दी थी, लेकिन एक शर्त रखी थी, तिहाड़ जेल से संसद आने-जाने का पूरा खर्च खुद उठाना होगा. अब राशिद इस शर्त को हटवाने की कोशिश में हैं.
हर दिन का खर्च 1.4 लाख रुपये
राशिद के वकीलों का कहना है कि सरकार ने हर दिन संसद जाने और वापस लाने का खर्च 1.4 लाख रुपये बताया है, जो उनके लिए चुकाना मुश्किल है. इसी आधार पर उन्होंने अदालत से अपील की है कि यह रकम केंद्र सरकार वहन करे.
क्या है पूरा मामला?
राशिद इंजीनियर जम्मू-कश्मीर से निर्दलीय सांसद चुने गए हैं, लेकिन उन पर टेरर फंडिंग के गंभीर आरोप हैं. एनआई ने उन्हें आतंकी संगठनों को फंडिंग देने के मामले में गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं. उनके विरोधी इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या एक टेरर फंडिंग आरोपी को संसद में जाने की अनुमति मिलनी चाहिए?
दिल्ली हाई कोर्ट में अहम सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट कल इस मामले की सुनवाई करेगा. क्या सरकार को 1.4 लाख रुपये प्रति दिन खर्च करने का आदेश मिलेगा, या राशिद को खुद ही यह रकम चुकानी होगी? यह देखना दिलचस्प होगा. एक तरफ कानून दूसरी तरफ राजनीति, यह लड़ाई और भी पेचीदा होती जा रही है. कुल मिलाकर राशिद इंजीनियर को संसद जाने में पहुंचने वाली रकम चुकाने के मामले में राहत मिलेगी या नहीं, ये देखने वाली बात होगी.
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Source: IOCL





















