Delhi: यमुना खादर में 50 साल से रह रहे इन लोगों के उजड़ने वाले हैं आशियाने! बचाने पहुंचे BJP विधायक रविंदर नेगी
Delhi News: यमुना किनारे बसे कई परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि हाईकोर्ट ने ग्रीन बेल्ट खाली कराने का आदेश दिया है. वहीं BJP विधायक रविंदर नेगी ने इनके लिए कुछ समय की मांग की है.

Delhi Latest News: दिल्ली में नई सरकार बनने के बाद यमुना किनारे की सफाई और वहां रहने वाले लोगों के पुनर्वास का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. शपथ ग्रहण से पहले ही यमुना सफाई अभियान शुरू हो चुका था और अब सरकार वहां बसे लोगों को दूसरे जगह स्थानांतरित करने की तैयारी में है.
दिल्ली के बीजेपी विधायक रविंदर सिंह नेगी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह हाईकोर्ट का आदेश है कि ग्रीन बेल्ट को खाली कराया जाए. यह प्रक्रिया 2019 से चल रही है, लेकिन फिर भी लोग यहां कई सालों से रह रहे हैं, खेती से अपनी आजीविका चला रहे हैं और अपने बच्चों को पाल रहे हैं. हमने हाईकोर्ट से निवेदन किया है कि उन्हें कुछ और समय दिया जाए."
मयूर विहार फेज-1 के यमुना खादर में दौरा
बीजेपी विधायक रविंदर सिंह नेगी हाल ही में मयूर विहार फेज-1, यमुना खादर इलाके का दौरा करने पहुंचे, जहां कई परिवारों के उजड़ने का खतरा मंडरा रहा है. इस दौरान का दृश्य बेहद मार्मिक था, विधायक के चारों ओर स्थानीय निवासी अपनी समस्याएं लेकर खड़े थे. कुछ बुजुर्ग महिलाएं आंसू पोंछते हुए अपने घर बचाने की गुहार लगा रही थीं, तो कुछ किसान अपने खेतों की ओर इशारा कर बता रहे थे कि यहीं से उनका परिवार पेट भरता है. बच्चे असमंजस में थे, वे समझ नहीं पा रहे थे कि उनका घर फिर से उजड़ने वाला है या नहीं.
50 साल से रह रहे लोगों पर बेघर होने का खतरा
यमुना खादर में बसे कई परिवार पिछले 50 साल से यहां रह रहे हैं. कई बार इन्हें उजाड़ा गया, लेकिन वे फिर लौटकर बस गए. इस बार उन्हें कानूनी आदेशों का डर सता रहा है. कुछ लोगों ने कहा, "हमारा यहां के अलावा कोई दूसरा ठिकाना नहीं है. सरकार हमें समय तो दे, कम से कम कोई वैकल्पिक व्यवस्था हो."
अब देखना यह होगा कि हाईकोर्ट का अंतिम निर्णय क्या आता है और सरकार इन लोगों के लिए क्या कदम उठाती है.
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