दिल्ली विधानसभा में गजब नौकरी! 8 घंटे शिफ्ट, काम- बंदरों को भगाना, कितना रुपया मिलेगा?
Delhi News: दिल्ली विधानसभा में बंदरों को भगाने के लिए टेंडर निकाला गया है. इसमें काम है बंदरों को भगाना. इसके लिए PWD ने टेंडर भी निकाला है.

दिल्ली विधानसभा परिसर में बार-बार घुस आने वाले बंदरों की समस्या से निपटने के लिए विधानसभा प्रशासन लंगूर की आवाज की नकल कर सकने वाले लोगों को नियुक्त करने की योजना बना रहा है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.
अधिकारियों के अनुसार, इलाके के आसपास कई बंदर हैं जो तारों और डिश एंटीना पर उछल कूद करते रहते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे परेशानी होती है.
यह कदम विधानसभा परिसर में बंदरों के बार-बार घुसने की घटनाओं के बीच उठाया जा रहा है, जो विधायकों, कर्मचारियों और आगंतुकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं.
दिल्ली विधानसभा में तैनाती के लिए निविदा जारी
अधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने ऐसे प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती के लिए निविदा जारी की है, जो लंगूर की आवाज की नकल कर सकें. यह तरीका बंदरों को बिना नुकसान पहुंचाए भगाने में प्रभावी और मानवीय माना जाता है. लंगूरों की आवाज निकालने वाला व्यक्ति बंदरों को भगाने के लिए एक लंगूर भी साथ लाएगा.
उन्होंने कहा, 'लंगूर के कटआउट लगाने की भी योजना थी, लेकिन हमने देखा है कि अब बंदर उनसे डरते नहीं हैं. उलटे वे उन कटआउट्स के ऊपर ही बैठ जाते हैं.'
बंदरों को भगाने में सुरक्षा मानकों का होगा पालन - अधिकारी
अधिकारी ने बताया कि पहले लंगूर की आवाज की नकल करने वाले कर्मी तैनात थे, लेकिन उनका अनुबंध समाप्त हो गया. अब लंगूर की आवाज की नकल कर सकने वाले प्रशिक्षित लोगों को नियुक्त करने के लिए नयी निविदा जारी की गई है.
अधिकारियों के अनुसार, कार्यदिवसों और शनिवार को प्रशिक्षित प्रशिक्षक की तैनाती की योजना है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति आठ घंटे की पाली में काम करेगा.
एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षित लोगों को नियुक्ति करने से संबंधित एजेंसी यह भी सुनिश्चित करेगी कि संचालन के दौरान उचित उपकरण, अनुशासन और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए.
इसके लिए अमुक को प्रतिदिन या मासिक आधार पर मानदेय दिया जा सकता है. दिल्ली विधानसभा ने वर्ष 2022 में भी ऐसा ही टेंडर निकाला था तब 12.91 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया था. उस वक्त 6 लोगों को नियुक्त करने की योजना बनी थी.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















