दिल्ली NCR में प्रदूषण से बुरा हाल, लागू किया गया ग्रैप- 4, कंस्ट्रक्शन समेत इन पर बैन
GRAP 4 Invoked In Delhi NCR: दिल्ली में शनिवार को शाम चार बजे एक्यूआई 400 था, जो रात 8 बजे बढ़कर 428 पहुंच गया. मौसम की खराब स्थिति के कारण हालात और बिगड़ गए.

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिसके बाद दिल्ली में ग्रैप 4 लागू किया गया है. शनिवार को यहां एक्यूआई 428 दर्ज किया गया, जिसके बाद ग्रैप 4 की पाबंदियों को लागू किया गया है.
सीएक्यूएम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "दिल्ली का एक्यूआई शनिवार को शाम चार बजे 400 दर्ज किया गया. पश्चिमी विक्षोभ, बेहद प्रतिकूल मौसम और मौसम संबंधी परिस्थितियों तथा प्रदूषकों के फैलाव की कमी के कारण एक्यूआई तेजी से बढ़कर रात आठ बजे 428 हो गया."
उन्होंने आगे कहा, "क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की मौजूदा स्थिति और संबंधित कारकों को ध्यान में रखते हुए और वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के प्रयास में, सीएक्यूएम की जीआरएपी संबंधी उप-समिति ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि मौजूदा ग्रैप के चरण-4 के तहत परिकल्पित सभी कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से पूरे एनसीआर में सक्रिय रूप से लागू किया जाए."
दरअसल, शनिवार (17 जनवरी) को वायु गुणवत्ता 'गंभीर+' श्रेणी में पहुंच गई, जिसके चलते ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के चौथे चरण को फिर से लागू करने का फैसला लिया गया. ग्रैप-4 लागू किए जाने के बाद वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा कई कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं. इसके तहत दिल्ली में कारखानों, निर्माण कार्यों, और यातायात पर कड़ी पाबंदियां लगाई गई है.
428 तक पहुंचा AQI
आज शाम 4 बजे AQI 400 था, जो रात 8 बजे बढ़कर 428 पहुंच गया. मौसम की खराब स्थिति के कारण हालात और बिगड़े. नतीजतन, CAQM की सब- कमेटी ने पूरे NCR में GRAP-4 के सभी सख्त नियम तत्काल लागू करने का फैसला लिया. पहले से लागू GRAP स्टेज-1, 2 और 3 के साथ अब स्टेज-4 के प्रतिबंध भी लागू रहेंगे.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित एजेंसियों को अतिरिक्त सख्ती और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
ये पाबंदियां रहेंगी लागू
ग्रैप 4 के तहत दिल्ली एनसीआर में सभी तरह के निर्माण कार्यों, ट्रकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. हालांकि जरूरी सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को कुछ छूट दी जाएगी. इसके अलावा बच्चों की सेहत और सुरक्षा को देखते हुए राजधानी के स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाया जाएगा. यानि बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से करवाई जाएगी.
Source: IOCL



























