दिल्ली में नकली सामान का भंडाफोड़, गोदरेज, ऑल आउट और हिट के नकली प्रोडक्ट जब्त, 3 गिरफ्तार
Delhi Crime News: दिल्ली पुलिस ने रोहिणी में नकली उत्पाद बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया. गोदरेज, ऑल आउट और गुड नाईट जैसे ब्रांडों के नकली उत्पाद जब्त किए गए, जिनकी कीमत 20 लाख से अधिक थी.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली में एक बड़े नकली प्रोडक्ट बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है. इस गैंग के सदस्य नामी कंपनियों के प्रोडक्ट जैसे ऑल आउट अल्ट्रा , गुड नाईट रिफिल, गोदरेज साबुन, गोदरेज हिट की हूबहू नकल तैयार कर बाजार में उतार रहे थे. दिल्ली पुलिस ने छापेमारी में करीब बीस लाख रुपए से भी ज्यादा का माल जब्त किया और तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को खुफिया जानकारी मिली थी कि रोहिणी इलाके में एक गोदाम में बड़े स्तर पर नकली प्रोडक्ट का कारोबार हो रहा है. 22 अगस्त को दिल्ली पुलिस की टीम ने कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर रोहिणी सेक्टर 16 में बने एक गोदाम पर छापा मारा.
यहां गोदाम मालिक अंकित मित्तल मौके पर मिला साथ ही दिल्ली पुलिस को तलाशी में भारी मात्रा में नकली गोदरेज साबुन, ऑल आउट अल्ट्रा और हिट स्प्रे बरामद हुए. वही कंपनियों के विशेषज्ञों ने मौके पर जांच कर पुष्टि की की प्रोडक्ट नकली है जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
पुलिस की जांच के बाद गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया कि अंकित मित्तल अकेला नहीं था नकली माल की सप्लाई और उत्पादन के पीछे दो और लोग शामिल थे. पुलिस ने छापेमारी कर हैप्पी गोयल को पकड़ा, जो नकली ऑल आउट और गुड नाइट तैयार करता था. वही नरेश सिंह की गिरफ्तारी हुई जो नकली गोदरेज हिट स्प्रे बनाता था. तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
क्या-क्या बरामद हुआ?
5,220 नकली गोदरेज साबुन ,3,500 नकली ऑल आउट अल्ट्रा मशीन, 2,160 नकली गुड नाइट लिक्विड रिफिल,185 नकली 700 एमएल हिट ब्लैक ,160 नकली 700 एमएल हिट रेड ,288 नकली 400 एमएल हिट ब्लैक पैक,185 नकली 400 एमएल लाइम फ्रेश हिट,180 नकली 200 एमएल हिट ब्लैक पैक. इसके अलावा पैकेजिंग मटेरियल और नकली प्रोडक्शन में इस्तेमाल की जाने वाली मशीनें भी जब्त की गईं.
दिल्ली पुलिस की जांच जारी
दिल्ली पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह नकली माल किन-किन बाजारों और राज्यों तक सप्लाई किया जाता था. साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है.
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Source: IOCL






















