Delhi: फर्जी पासपोर्ट गिरोह का खुलासा, लखनऊ से मास्टमरमाइंड समेत 7 आरोपी गिरफ्तार
Delhi News: अपराधी और गैंगस्टर विदेश से धमकी देकर रंगदारी वसूल रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट गिरोह का खुलासा कर सात आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस की नजर गिरोह पर चार महीने से थी.

Delhi Crime News: दिल्ली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों से विदेश भेजने वाले सिंडिकेट का खुलासा किया है. फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड से विदेश भेजने का गोरखधंधा चल रहा था. 4 महीनों से इंटर स्टेट सेल की टीम जानकारी जुटाने में लगी हुई थी. सिंडिकेट अपराधियों के फर्जी पहचान पर पासपोर्ट तैयार करता था. दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर नाम, पिता का नाम और पता भी बदले जाते थे. पासपोर्ट बनवाने में लखनऊ पासपोर्ट ऑफिस के संपर्क की मदद ली जाती थी.
पुलिस ने नकली ग्राहक को गैंग के पास भेजा. डमी ग्राहक ने फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाने की डील की. गैंग का सदस्य निशांत कुमार सक्सेना और एजेंट सुफियान ने डमी ग्राहक के नाम से फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और जन्म प्रमाण पत्र तैयार करवाया. फर्जी दस्तावेज बनवाकर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया. पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारियों की मदद से गैंग ने पासपोर्ट बनवा लिया. पुष्टि हो गई कि गैंग संगठित अपराध के तहत फर्जी पासपोर्ट तैयार करवा रहा है.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर 25 फरवरी को गिरोह के मास्टरमाइंड निशांत सक्सेना को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया. 42 वर्षीय निशांत सक्सेना के कार्यालय और घर पर छापेमारी में 5 फर्जी पासपोर्ट, दो सीपीयू, दो मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए. पुलिस ने अब तक गिरोह के सरगना सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों में नीरज बवाना गैंग का गुर्गा मोनू उर्फ आर्यन और पंजाब का हिस्ट्रीशीटर हरपाल सिंह भी शामिल हैं. दस्तावेजों से पता चला है कि गिरोह कई अपराधियों को फर्जी पासपोर्ट उपलब्ध कराकर विदेश भेज रहा था. मामले में अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है.
गिरफ्तार आरोपी के बारे में जानकारी
निशांत कुमार सक्सेना: पेशे से वकील, ट्रैवल बिजनेस में रहते फर्जी पासपोर्ट बनाने का नेटवर्क तैयार किया.
सुफिया (28 वर्ष): पासपोर्ट सेवा केंद्र, लखनऊ के बाहर एजेंट का काम करता था.
अतुल कुमार (34 वर्ष): पासपोर्ट सेवा केंद्र, लखनऊ के बाहर एजेंट था. आधार सेंटरों और साइबर कैफे के माध्यम से फर्जी दस्तावेज बनवाता था.
सुखदीप सिंह (36 वर्ष): करनाल, हरियाणा में ग्लोबल स्टडी ट्रैवल नामक कंसल्टेंसी चलाता था और ग्राहकों को निशांत सक्सेना के पास भेजता था.
मोनू उर्फ आर्यन (27 वर्ष): नीरज बवाना गैंग का गुर्गा, 5 हत्या और आर्म्स एक्ट मामलों में शामिल. सितंबर 2024 में लखनऊ के पते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाया.
हरपाल सिंह (57 वर्ष): पंजाब का हिस्ट्रीशीटर, 7 धोखाधड़ी के मामलों में संलिप्त, बर्खास्त पुलिस कांस्टेबल, पत्नी और बेटी के लिए भी फर्जी पासपोर्ट बनवाया.
दिल्ली पुलिस ने क्या बरामद किया
6 फर्जी पासपोर्ट, 2 लैपटॉप, 2 सीपीयू, 12 मोबाइल फोन, 1 पीवीसी कलर कार्ड प्रिंटर, 170 खाली पीवीसी पैन कार्ड, 49 भरे हुए पैन कार्ड, 317 खाली पीवीसी ई-श्रम कार्ड, 110 खाली पीवीसी आधार कार्ड, 46 भरे हुए आधार कार्ड, 104 खाली पीवीसी वोटर आईडी कार्ड, 20 भरे हुए वोटर आईडी कार्ड, 33 खाली आयुष्मान कार्ड (नया फॉर्मेट), 60 पुराने फॉर्मेट के आयुष्मान कार्ड, 27 खाली पीवीसी ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड, 8 भरे हुए ड्राइविंग लाइसेंस, 38 खाली पीवीसी शीट्स.
ये भी पढ़ें- मोहल्ला क्लिनिक बंद करने के ऐलान पर AAP नेता सत्येंद्र जैन बोले, 'लोगों की सुविधा के लिए...'
Source: IOCL





















