यमुना की सफाई के लिए ड्रोन सर्वे शुरू, दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया पूरा प्लान
Delhi News: दिल्ली सरकार यमुना नदी को साफ करने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग कर रही है. छोटे नालों का सर्वे किया जा रहा है जो बिना ट्रीटमेंट के यमुना में गंदा पानी डालते हैं.

दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई के लिए एक नई और आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है. अब राजधानी दिल्ली में बहने वाले छोटे-छोटे नालों का ड्रोन के जरिए सर्वे किया जा रहा है. यह सर्वे उन उप-नालों का किया जा रहा है जो बिना किसी ट्रीटमेंट के गंदा पानी सीधे यमुना में गिराने वाली बड़ी नालियों में मिलते हैं.
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यह कदम यमुना को साफ करने के लिए चल रहे प्रयासों का अहम हिस्सा है. उन्होंने बताया कि अब ड्रोन कैमरों की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि कौन-कौन से उप-नाले सबसे ज़्यादा गंदगी फैला रहे हैं. फिलहाल दिल्ली में 22 प्रमुख नालियां हैं, जिनमें से नजफगढ़ नाला, शाहदरा नाला और सप्लीमेंट्री नाला प्रमुख माने जाते हैं.
ये नालियां दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से होकर यमुना में जाकर मिलती हैं. इन नालियों में हर दिन लाखों लीटर गंदा पानी बहकर आता है. सरकार की तरफ से किए गए एक प्राइमरी सर्वे में पाया गया है कि दिल्ली में करीब 300 छोटे-छोटे उप-नाले ऐसे हैं जो इन बड़ी नालियों में गिरते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से यमुना नदी को प्रदूषित करते हैं. इन उप-नालों से अधिकतर घरेलू और औद्योगिक अपशिष्ट (industrial waste) बिना किसी ट्रीटमेंट के बहाया जाता है.
अब इन सभी उप-नालों का ड्रोन सर्वे किया जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि गंदगी का मुख्य स्रोत कहां है. इस सर्वे के बाद सरकार एक प्राथमिकता सूची तैयार करेगी और उसी आधार पर नालों की सफाई का काम शुरू किया जाएगा.
जो उप-नाले सबसे ज़्यादा प्रदूषण फैला रहे हैं, उनकी सफाई पहले की जाएगी.यह पूरा अभियान यमुना को फिर से जीवनदायिनी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. सरकार का कहना है कि अगर हम गंदे पानी को यमुना में जाने से रोक दें, तो नदी अपने आप साफ हो सकती है.
Source: IOCL





















